Rajasthan Politics : भजनलाल सरकार कराएगी गहलोत सरकार के कथित ‘महा-घोटाला’ की ACB जांच- कटघरे में 6 IAS, जानें क्या है बड़ा फैसला?
Rajasthan Politics: भजनलाल शर्मा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती का संदेश देते हुए 1450 करोड़ रुपये के कथित ‘टांका निर्माण घोटाले’ की फाइलें दोबारा खोलने का फैसला किया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने विधानसभा में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान इस मामले में नई जांच के संकेत दिए।
बाड़मेर में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का दावा:-
मंत्री ने सदन को बताया कि बाड़मेर जिले में टांका निर्माण के लिए करीब 1537 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि लगभग 750 करोड़ रुपये के कार्य जमीनी स्तर पर नहीं मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि कई निर्माण केवल कागजों में दिखाए गए और भुगतान उठा लिया गया।
6 पूर्व जिला कलेक्टर जांच के घेरे में:-
उस अवधि में बाड़मेर में पदस्थ रहे 6 आईएएस अधिकारियों को पूर्ववर्ती सरकार के समय क्लीन चिट मिलने की बात भी मंत्री ने उठाई। अब राज्य सरकार इन अधिकारियों की भूमिका की फिर से जांच कराने जा रही है।
करौली और दौसा के मामलों की भी पड़ताल:-
मंत्री ने बताया कि बाड़मेर के अलावा करौली और दौसा जिलों में सामने आए दो अन्य मामलों को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को सौंपा जाएगा।
- करौली (मंडरायल): मनरेगा के तहत 28 करोड़ रुपये का भुगतान, जबकि मौके पर लगभग 2 करोड़ के कार्य मिलने का दावा।
- दौसा (महवा): 38 लाख रुपये के सीसीटीवी कैमरों की खरीद में अनियमितता, जो कथित तौर पर चालू ही नहीं हुए।
‘भ्रष्टाचार प्रूफ’ बनेगी मनरेगा: मीणा
नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि मनरेगा में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तकनीकी निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी। राज्य में 100 दिन के स्थान पर 125 दिन का गारंटीशुदा रोजगार देने की व्यवस्था भी जारी रहेगी।
‘दोषियों पर होगी कार्रवाई’:-
मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के समय जिन मामलों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था, उन्हें अब प्राथमिकता से उठाया जाएगा। सरकार का दावा है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 6 आईएएस अफसरों के खिलाफ जांच शुरू होने की खबर से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है।