भारत-US ट्रेड डील से राजस्थान को बड़ा फायदा, सीएम भजनलाल ने गिनाईं तीन अहम वजहें
जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते को लेकर राजस्थान में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस इंडिया-यूएस ट्रेड डील को राजस्थान की अर्थव्यवस्था के लिए “गेम चेंजर” बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों पर लगने वाला टैरिफ 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत होना इस बात का प्रमाण है कि वैश्विक स्तर पर भारत की आर्थिक ताकत को गंभीरता से स्वीकार किया जा रहा है।
भारतीय उत्पादों को मिलेगी नई रफ्तार:-
मुख्यमंत्री ने टैरिफ में बड़ी कटौती को इस समझौते की सबसे अहम उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे विशाल बाजार में अब भारतीय उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी और किफायती बनेंगे। टैरिफ में कमी भारतीय निर्यातकों के लिए राहत भरी खबर है और यह प्रधानमंत्री मोदी के मेक इन इंडिया व आत्मनिर्भर भारत विजन को वैश्विक मजबूती देती है।
राजस्थान के वस्त्र उद्योग को होगा बड़ा लाभ:-
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान देश के प्रमुख निर्यातक राज्यों में शामिल है। इस ट्रेड डील से प्रदेश के वस्त्र उद्योग को सबसे अधिक फायदा होगा, जो राज्य की आर्थिक रीढ़ है। टैरिफ कम होने से राजस्थान के परिधानों की अमेरिकी बाजार में मांग तेजी से बढ़ेगी। यह समझौता विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए नई संभावनाएं खोलेगा।
हस्तशिल्प और कारीगरों को मिलेगा नया बाजार:-
मुख्यमंत्री ने राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का जिक्र करते हुए कहा कि ब्लू पॉटरी, लघु चित्रकला, संगमरमर की नक्काशी, लकड़ी के हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पाद पहले से ही अमेरिका में पसंद किए जाते हैं। इस समझौते से लाखों कारीगरों को बेहतर दाम और नए अवसर मिलेंगे। साथ ही जयपुर का विश्व प्रसिद्ध जेम्स एंड ज्वेलरी उद्योग भी इससे लाभान्वित होगा।
पूरी अर्थव्यवस्था पर दिखेगा असर:-
मुख्यमंत्री के अनुसार निर्यात बढ़ने से परिवहन, पैकेजिंग, बैंकिंग और बीमा जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि इसका सकारात्मक असर पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा और प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।
छह वर्षों में नौ ट्रेड डील, बढ़ती वैश्विक साख:-
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले छह वर्षों में भारत ने नौ बड़े अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते किए हैं। यह दर्शाता है कि दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं भारत के साथ साझेदारी को लेकर उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका जैसे दो बड़े लोकतंत्रों का सहयोग आम जनता, उद्योग और व्यापार के लिए लाभकारी साबित हो रहा है।


