नगर परिषद सुजानगढ़ को बड़ा झटका: कोर्ट ने ठेकेदार की सिक्योरिटी मनी ब्याज सहित लौटाने के दिए आदेश

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सुजानगढ़ | Rkhabar

बीकानेर जिले के कमर्शियल कोर्ट ने नगर परिषद सुजानगढ़ को निर्माण कार्य पूरा करने वाले ठेकेदार की बकाया सिक्योरिटी मनी लौटाने का आदेश दिया है। अदालत ने नगर परिषद को कुल 27,81,358 रुपये का भुगतान करने के साथ ही 21,87,225 रुपये की मूल बकाया राशि पर 24 नवंबर 2025 से भुगतान की तिथि तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने के निर्देश दिए हैं।

यह फैसला कमर्शियल कोर्ट के न्यायाधीश ओम प्रकाश ने मैसर्स अग्रवाल कंस्ट्रक्शन कंपनी, चूरू द्वारा दायर वसूली वाद में सुनाया। कंपनी की ओर से अधिवक्ता सांवरमल स्वामी ने पैरवी की।

क्या था मामला?

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2019 में नगर परिषद सुजानगढ़ ने भवन निर्माण का ठेका मैसर्स अग्रवाल कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया था। कंपनी ने 24 दिसंबर 2020 को निर्माण कार्य पूरा कर भवन नगर परिषद को सुपुर्द कर दिया। कार्य संतोषजनक पाए जाने के बावजूद परिषद ने विभिन्न बिलों से काटी गई 31.87 लाख रुपये की सिक्योरिटी राशि नियमानुसार वापस नहीं की।

फर्म ने कई बार भुगतान की मांग की और कानूनी नोटिस भी भेजे, लेकिन राशि जारी नहीं की गई। वाद दायर होने के बाद नगर परिषद ने 17 सितंबर 2025 को आरटीजीएस के माध्यम से 10 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। इसके बाद शेष राशि और ब्याज की वसूली को लेकर मुकदमा जारी रहा।

नगर परिषद नहीं हुई पेश, कोर्ट ने दिया एकतरफा फैसला

अदालत में समन की विधिवत तामील होने के बावजूद नगर परिषद और उसके अध्यक्ष की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। इस पर न्यायालय ने उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर एकतरफा फैसला सुनाते हुए वादी फर्म के पक्ष में निर्णय दिया।

12% ब्याज की मांग नहीं मानी

वादी फर्म ने 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की मांग की थी, लेकिन न्यायालय ने माना कि अनुबंध में ब्याज संबंधी पर्याप्त शर्त का प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। इसलिए सिविल प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के तहत 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना उचित माना गया।

अदालत के आदेश के अनुसार अब नगर परिषद सुजानगढ़ को शेष बकाया राशि के साथ निर्धारित ब्याज का भुगतान करना होगा। यह फैसला सरकारी निर्माण कार्यों में समय पर भुगतान और संविदात्मक दायित्वों के पालन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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