राजस्थान परिवहन विभाग का बड़ा फैसला, आरटीओ-डीटीओ कार्यालयों में मैनुअल फिटनेस प्रक्रिया पर रोक, मची हलचल
राजस्थान परिवहन विभाग का बड़ा फैसला, आरटीओ-डीटीओ कार्यालयों में मैनुअल फिटनेस प्रक्रिया पर रोक, मची हलचल
Rajasthan Transport Department: राजस्थान परिवहन विभाग ने माना है कि आरटीओ-डीटीओ कार्यालयों में वाहनों की फर्जी फिटनेस का खेल चल रहा था। इस खुलासे के बाद विभाग ने कड़ा कदम उठाते हुए दफ्तरों में होने वाली मैनुअल फिटनेस प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। अब वाहनों की फिटनेस केवल ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) या राज्य नीति के तहत अधिकृत फिटनेस सेंटर पर ही की जाएगी। इस निर्णय के बाद परिवहन कार्यालयों में हलचल तेज हो गई है।
गौरतलब है कि 29 जनवरी को प्रकाशित एक रिपोर्ट में कोटा और रामगंजमंडी समेत कई स्थानों पर बिना वाहन प्रस्तुत किए ही फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने का मामला सामने आया था। आरोप है कि इसके बदले वाहन मालिकों से मोटी रकम वसूली जा रही थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग ने जांच शुरू कर दी है। आरटीओ कार्यालयों से जारी फिटनेस सर्टिफिकेट का रिकॉर्ड तलब किया गया है, साथ ही संबंधित वाहनों की लोकेशन की भी पड़ताल की जा रही है। विभाग फर्जीवाड़े में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।
विभाग के निर्देशों के बाद शुक्रवार को राज्यभर के परिवहन कार्यालयों में फिटनेस से जुड़ा काम प्रभावित रहा। कई दफ्तरों में कामकाज ठप जैसा रहा, जिससे फिटनेस प्रमाणपत्र जारी होने की संख्या में गिरावट देखी गई। अब केवल नियमों के तहत जांच के बाद ही फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं।