UGC New Guidelines पर बवाल, करणी सेना का अल्टीमेटम, राजस्थान में एस-4 का हुआ गठन, जानिए क्यों?

UGC New Guidelines पर बवाल, करणी सेना का अल्टीमेटम, राजस्थान में एस-4 का हुआ गठन, जानिए क्यों?
UGC New Guidelines: राजस्थान में यूजीसी के नए नियमों को लेकर सियासी और सामाजिक माहौल गरमा गया है। करणी सेना और मारवाड़ राजपूत महासभा ने केंद्र और राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए इन नियमों का विरोध जताया है। करणी सेना के जोधपुर अध्यक्ष मानसिंह मेड़तिया ने कहा कि यह कानून सवर्ण समाज को दबाने की मंशा से लाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन इसका कड़ा विरोध करेगा और जल्द ही रणनीति बनाकर आंदोलन किया जाएगा। सामाजिक संगठनों ने भी चेताया है कि यदि नियमों में बदलाव नहीं किया गया, तो बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ा जाएगा।
नए नियम झूठे मामलों में फंसा सकते हैं – मारवाड़ राजपूत महासभा
मारवाड़ राजपूत महासभा के अध्यक्ष हनुमान सिंह खांगटा ने यूजीसी के नए नियमों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि इसमें सवर्ण समाज को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द संशोधन नहीं हुआ तो महासभा आंदोलन के लिए मजबूर होगी। खांगटा ने आगे कहा कि जनरल वर्ग से होना कोई अपराध नहीं है, लेकिन यह कानून लोगों को झूठे मामलों में फंसा सकता है।
राजस्थान में एस-4 का गठन:-
यूजीसी के फैसले के विरोध में राजस्थान में एस-4 संगठन का गठन किया गया है, जिसमें ब्राह्मण, राजपूत, वैश्य और कायस्थ संगठनों ने एकजुटता दिखाई है। इस बीच स्वामी आनंद स्वरूप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा कर जानकारी दी कि जयपुर में करणी सेना, कायस्थ महासभा, ब्राह्मण और वैश्य संगठनों के साथ मिलकर एक समन्वय समिति बनाई गई है। इसका नाम सवर्ण समाज समन्वय समिति रखा गया है, जो देशभर के सवर्ण संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करने का कार्य करेगी।
केंद्र सरकार कर सकती है संशोधन:-
वहीं, जोधपुर के वरिष्ठ शिक्षाविद प्रो. डॉ. क्षितिज महर्षि ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना सबका अधिकार है, लेकिन यूजीसी-2026 को लेकर भ्रम की स्थिति भी पैदा की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह गाइडलाइन देशभर के पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों के अध्ययन के बाद बनाई गई है। भविष्य में यदि किसी संशोधन की आवश्यकता महसूस हुई, तो केंद्र सरकार इसमें बदलाव कर सकती है।