Free Electricity Scheme: सोलर बिजली उत्पादन घटा तो फ्री बिजली योजना पर मंडराएगा संकट, जानें क्या है नया विवाद

Free Electricity Scheme: सोलर बिजली उत्पादन घटा तो फ्री बिजली योजना पर मंडराएगा संकट, जानें क्या है नया विवाद

Free Electricity Scheme: राजस्थान सरकार की 150 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को लेकर नई चुनौती उभरकर सामने आई है। यह योजना प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से जुड़ी है, जिसके तहत राज्य के पात्र उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर 1.1 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि इन पैनलों से हर महीने औसतन 150 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा और उपभोक्ताओं को उतनी ही बिजली निशुल्क दी जाएगी।

हालांकि बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम्स) ने इस दावे पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि मानसून और सर्दी के मौसम में धूप कम होने से सोलर उत्पादन घट सकता है। ऐसी स्थिति में यदि सोलर पैनलों से निर्धारित बिजली उपलब्ध नहीं हुई तो शेष बिजली उन्हें बाजार से खरीदनी पड़ेगी, जिससे लागत में इजाफा होगा। वर्तमान में सोलर बिजली की औसत लागत करीब 3.25 रुपये प्रति यूनिट है, जबकि बाजार से खरीदी गई बिजली 4.50 रुपये प्रति यूनिट या उससे अधिक पड़ती है।

डिस्कॉम्स का यह है तर्क:-

डिस्कॉम्स का तर्क है कि सोलर और बाजार बिजली की लागत में अंतर के कारण उन पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ आएगा। इसलिए वे चाहते हैं कि सरकार पहले से इस नुकसान की भरपाई को लेकर स्पष्ट व्यवस्था करे, ताकि योजना के क्रियान्वयन में आर्थिक संकट न आए।

सरकार का पक्ष

सरकार का कहना है कि सोलर उत्पादन में मासिक उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है। कुछ महीनों में उत्पादन कम हो सकता है, लेकिन अन्य महीनों में अपेक्षा से अधिक बिजली उत्पन्न होने से कुल मिलाकर संतुलन बन जाएगा।

150 यूनिट फ्री बिजली योजना — तथ्य व विवाद (तालिका)                                                

विषयविवरण
योजना का नाम150 यूनिट फ्री बिजली योजना
संबंधित योजनाप्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से जुड़ी राज्य योजना
पात्रताप्रत्येक पात्र घर
सोलर पैनल क्षमता1.1 किलोवाट प्रति घर
अनुमानित मासिक उत्पादनलगभग 150 यूनिट
राज्य सरकार की सब्सिडी₹17,000 प्रति उपभोक्ता
केंद्र सरकार का योगदानशेष राशि केंद्र योजना से वहन
उद्देश्यघरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना
मुख्य विवादमानसून और सर्दियों में सोलर उत्पादन घटने की आशंका
सोलर बिजली की लागतलगभग ₹3.25 प्रति यूनिट
बाजार से बिजली खरीद लागत₹4.50 या अधिक प्रति यूनिट
लागत अंतर का सवालअतिरिक्त लागत की भरपाई कौन करेगा, स्पष्ट नहीं
डिस्कॉम्स की मांगवित्तीय सुरक्षा और सब्सिडी गारंटी
सरकार का पक्षउत्पादन संतुलन से लागत प्रबंधन संभव

नीति में बदलाव की संभावना:-

ऊर्जा विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार यदि यह मुद्दा लंबे समय तक बना रहता है तो योजना के ढांचे में बदलाव किया जा सकता है। इसके तहत सोलर क्षमता बढ़ाने या सब्सिडी व्यवस्था में संशोधन जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल उपभोक्ताओं को 150 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है, लेकिन भविष्य में नीति में आंशिक बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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