बीकानेर: साइबर ठगों को बैंक खाते बेचने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, ऑनलाइन ठगी की रकम ट्रांसफर करने में होते थे इस्तेमाल

श्रीडूंगरगढ़। Rkhabar
प्रदेशभर में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत श्रीडूंगरगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगों को अपने बैंक खाते उपलब्ध करवाने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी आर्थिक लाभ के लालच में अपने बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधियों को करने देते थे। इन खातों में ऑनलाइन ठगी से प्राप्त रकम ट्रांसफर की जाती थी।
मामले की जांच कर रहे हेड कांस्टेबल झूमर राम ने बताया कि क्षेत्र में सामने आ रही साइबर ठगी की शिकायतों और बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन की जानकारी के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस टीम ने संदिग्ध गतिविधियों में शामिल उदरासर निवासी एक युवक और बीरमसर निवासी एक युवक को दस्तयाब कर पूछताछ की।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी अपने बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध करवाते थे। इसके बदले उन्हें आर्थिक लाभ मिलता था। साइबर अपराधी इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन फ्रॉड के जरिए हासिल की गई रकम को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करने के लिए करते थे।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अपने बैंक खाते किन-किन लोगों को उपलब्ध करवाए और उनके खातों में कितनी राशि का लेन-देन हुआ। साथ ही साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधों में बैंक खाते उपलब्ध करवाना भी गंभीर भूमिका मानी जाती है। कई बार खाताधारक सीधे ठगी नहीं करते, लेकिन उनके खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम प्राप्त करने और आगे ट्रांसफर करने में किया जाता है। ऐसे मामलों में खाताधारक भी पुलिस जांच के दायरे में आ सकते हैं।
श्रीडूंगरगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर ठगी के लिए बैंक खातों का इस्तेमाल करने वाले नेटवर्क पर शिकंजा कसने की उम्मीद है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है और साइबर ठगों से जुड़े अन्य संदिग्धों की जानकारी जुटाई जा रही है।