सोलर कंपनी की लेबर कॉलोनी में मजदूरों पर जानलेवा हमला, केबिन में आग लगाकर जिंदा जलाने का आरोप

छत्तरगढ़। Rkhabar
छत्तरगढ़ थाना क्षेत्र के लाखूसर गांव स्थित एक सोलर कंपनी की लेबर कॉलोनी में मजदूरों पर कथित जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। घटना में दो युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें एक की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है और वह कोमा में है, जबकि दूसरे घायल के हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई हैं। मामले में छत्तरगढ़ पुलिस ने विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई रिपोर्ट के अनुसार मिठडिया निवासी सुरेंद्र पुत्र सुखराम, उसका भाई विनोद तथा उनके साथी लाखूसर स्थित सोलर कंपनी में मजदूरी करते हैं और लेबर कॉलोनी में बने केबिन में रहते हैं। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि 10 अगस्त की रात करीब 10 बजे घनश्याम, प्रभुराम, खेराजराम, नत्थाराम उर्फ नत्थूराम, जगदीश, राजेंद्र, जितूसिंह, पवन सहित करीब पांच-सात लोग लाठी और लोहे की सरियों के साथ वहां पहुंचे।
बाहर मौजूद मजदूरों पर किया हमला
शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने केबिन के बाहर मौजूद सुरेंद्र और बाबूलाल पर लोहे की सरियों से हमला कर दिया। दोनों जान बचाकर वहां से भागे। इसके बाद आरोपियों ने केबिन के अंदर मौजूद विनोद और बाबूलाल पर कथित रूप से हमला किया और दरवाजा अंदर से बंद कर दोनों को अपने कब्जे में ले लिया।
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि विनोद के सिर पर लोहे की सरियों और तबे से लगातार वार किए गए, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई और वह बेहोश हो गया। उसकी हालत अभी भी गंभीर बताई गई है। वहीं बाबूलाल पर भी कथित रूप से सरियों से हमला किया गया, जिससे उसके हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई हैं।
केबिन में आग लगाने का भी आरोप
मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि मारपीट के बाद आरोपियों ने बंद केबिन में आग लगा दी और विनोद व बाबूलाल को कथित रूप से जिंदा जलाने का प्रयास किया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। शिकायत के अनुसार चंदन सिंह और धर्मेंद्र चौधरी सहित अन्य लोगों ने केबिन का दरवाजा तोड़कर दोनों घायलों को बाहर निकाला।
भीड़ जुटने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। इसके बाद घायलों को एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने दोबारा हमला किया और एम्बुलेंस को आगे नहीं जाने दिया। एम्बुलेंस पर पत्थर फेंकने और उसका पीछा करने का आरोप भी लगाया गया है।
12 अगस्त को दी रिपोर्ट, पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के संबंध में सुरेंद्र ने 12 अगस्त को छत्तरगढ़ थाने में लिखित रिपोर्ट दी। पुलिस के अनुसार सुरेंद्र के शरीर के निरीक्षण में दाएं हाथ की बाजू और कमर पर खरोंच एवं चोट के निशान पाए गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले की जांच एएसआई रामचरण मीणा द्वारा की जा रही है। पुलिस अब घटना के कारण, आरोपों की सत्यता, हमले में शामिल लोगों और केबिन में आग लगाए जाने की परिस्थितियों की जांच कर रही है।