ईरान में सत्ता परिवर्तन की कथित योजना विफल! रिपोर्ट में मोसाद के दो वरिष्ठ अधिकारियों को हटाने का दावा

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ईरान में सत्ता परिवर्तन की कथित योजना विफल! रिपोर्ट में मोसाद के दो वरिष्ठ अधिकारियों को हटाने का दावा

अंतरराष्ट्रीय डेस्क | Rkhabar

ईरान में कथित तौर पर सत्ता परिवर्तन की योजना विफल होने के बाद इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किए जाने का दावा किया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मोसाद के निदेशक रोमन गोफमैन ने एजेंसी के दो वरिष्ठ अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया है। हालांकि, इन दावों की इजराइल सरकार या मोसाद की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

इजराइली मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक हटाए गए अधिकारियों में एक मोसाद के इंटेलिजेंस डायरेक्टरेट का प्रमुख था, जबकि दूसरा ईरान डिवीजन की जिम्मेदारी संभाल रहा था। बताया जा रहा है कि दोनों अधिकारी ईरान से जुड़े रणनीतिक अभियानों की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।

रिपोर्ट में क्या कहा गया?

इजराइली टीवी चैनल 12 की रिपोर्ट के अनुसार यह कार्रवाई मोसाद के भीतर व्यापक पुनर्गठन का हिस्सा है। सुरक्षा सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि एजेंसी के निदेशक और दोनों अधिकारियों के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दोनों अधिकारियों को एजेंसी से बाहर नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें अन्य जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।

ईरान को लेकर क्या थी कथित योजना?

रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इस रणनीति का उद्देश्य ईरान की मौजूदा सरकार पर आंतरिक दबाव बढ़ाना था। इसके तहत ईरान के कुछ अल्पसंख्यक समुदायों, विशेषकर कुर्द समूहों, को समर्थन देने तथा व्यापक विरोध प्रदर्शनों को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई थी।

इसके अलावा ईरान-इराक सीमा के निकट स्थित इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई के जरिए हालात बदलने की रणनीति का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उम्मीद थी कि इससे स्थानीय विद्रोही समूह सक्रिय होंगे और आंदोलन पूरे देश में फैल सकता है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

अहमदीनेजाद को लेकर भी दावा

कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि योजना के तहत ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की संभावित राजनीतिक वापसी पर भी विचार किया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, इजराइल की ओर से वर्षों से उनसे संपर्क स्थापित करने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि इस संबंध में किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

अमेरिका और तुर्की का भी जिक्र

रिपोर्टों में कहा गया है कि ईरान को लेकर बनाई गई कथित रणनीति पर अमेरिका के साथ भी चर्चा हुई थी, लेकिन बाद में तुर्की के दबाव तथा क्षेत्रीय परिस्थितियों को देखते हुए अमेरिका ने इससे दूरी बना ली। हालिया तनाव के दौरान अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के सैन्य एवं सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।

आधिकारिक पुष्टि नहीं

फिलहाल इन सभी दावों की न तो इजराइल सरकार, न मोसाद और न ही ईरान की ओर से आधिकारिक पुष्टि की गई है। इसलिए इस घटनाक्रम को मीडिया रिपोर्टों और सुरक्षा सूत्रों के हवाले से सामने आए दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। आने वाले दिनों में यदि संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी होता है तो स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.

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