छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी की सरकार से तीन मांगें, AAP बोली- पूरा देश सोनम वांगचुक के साथ

नई दिल्ली |Rkhabar
जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासत लगातार तेज होती जा रही है। कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने छात्रों के समर्थन में सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि युवाओं के साथ हुई कथित बर्बरता लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।
राहुल गांधी ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी हाथ में काली पट्टी बांधकर पहुंचे। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से तीन मांगें रखते हुए कहा—
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें।
- छात्रों पर कथित अत्याचार करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं छात्रों से माफी मांगें और पूरे घटनाक्रम पर खेद व्यक्त करें।
राहुल गांधी ने कहा कि देशभर के छात्र जिन मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, कांग्रेस उनका पूरा समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का प्रयास किया, लेकिन उनके साथ जिस प्रकार का व्यवहार हुआ, वह स्वीकार्य नहीं है।
वीडियो दिखाकर सरकार को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने 20 जुलाई के प्रदर्शन से जुड़ा एक वीडियो भी दिखाया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि आखिर छात्रों ने ऐसा क्या किया था कि सुरक्षा बलों को उनके सामने हथियारों के साथ तैनात होना पड़ा।
उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने की बजाय सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए। लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है और सरकार को इसका सम्मान करना चाहिए।
AAP ने भी जताया समर्थन
इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार को घेरा। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि छात्रों की इस लड़ाई में पूरा देश सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ खड़ा है।
उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक पिछले करीब 25 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और उनके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता है। संजय सिंह ने बताया कि कई सांसदों ने उन्हें पत्र लिखकर स्वास्थ्य को देखते हुए भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील भी की है।
सरकार का पलटवार
विपक्ष के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष लोकतंत्र को मजबूत करने की बात करता है, लेकिन उसके व्यवहार से लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर होती हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर चर्चा का उचित मंच संसद है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
कांग्रेस का प्रदर्शन, विपक्ष ने भी उठाए सवाल
छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन भी किया। इस दौरान कई विपक्षी नेताओं ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने कहा कि छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया और ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल किया गया, जो सामान्य परिस्थितियों में नहीं होने चाहिए।
मामला लगातार गरमाया
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार विपक्ष के आरोपों को खारिज कर रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद और राजनीतिक गलियारों में बहस और तेज होने की संभावना है।