वायरल वीडियो के बाद दिल्ली पुलिस का बड़ा फैसला, जंतर-मंतर पर अब केवल वर्दी में ही तैनात होंगे पुलिसकर्मी

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नई दिल्ली | Rkhabar

जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए प्रदर्शन के दौरान सादे कपड़ों में मौजूद कुछ लोगों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। अब जंतर-मंतर पर ड्यूटी करने वाले सभी पुलिसकर्मियों के लिए वर्दी पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि प्रदर्शन स्थल पर कोई भी पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में तैनात नहीं रहेगा।

दरअसल, सोमवार को जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हुए। इन वीडियो में कुछ लोग सादे कपड़ों में प्रदर्शनकारियों के बीच दिखाई दिए और उन पर कथित तौर पर लाठी चलाते नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाए कि बिना वर्दी वाले ये लोग कौन थे, उनकी पहचान क्या थी और उन्हें कार्रवाई के लिए किस आधार पर लगाया गया था।

मामले ने तूल पकड़ने के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों और प्रदर्शन से जुड़े लोगों ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि जब पुलिसकर्मी वर्दी में नहीं होंगे तो आम नागरिक उनके अधिकार, पहचान और जवाबदेही को लेकर भ्रमित हो सकते हैं। इसके बाद दिल्ली पुलिस मुख्यालय ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा करते हुए नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया।

पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी संबंधित इकाइयों को जारी निर्देश में कहा गया है कि जंतर-मंतर जैसे संवेदनशील और प्रमुख प्रदर्शन स्थल पर तैनात प्रत्येक पुलिसकर्मी निर्धारित पुलिस वर्दी में ही ड्यूटी करेगा। इस आदेश का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता लाना, आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति को समाप्त करना और किसी भी कार्रवाई के दौरान जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

गौरतलब है कि प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की तथा तनाव की स्थिति भी देखने को मिली थी। इसी दौरान सामने आए वीडियो ने पूरे मामले को और अधिक विवादित बना दिया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन इसके साथ ही पुलिसकर्मियों की स्पष्ट पहचान भी उतनी ही आवश्यक है।

कानून व्यवस्था से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी सार्वजनिक प्रदर्शन या विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों का वर्दी में होना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे आम नागरिक आसानी से पुलिस की पहचान कर सकते हैं और किसी भी शिकायत या कार्रवाई की स्थिति में जिम्मेदारी तय करना भी आसान हो जाता है।

दिल्ली पुलिस के इस नए फैसले को पारदर्शिता, जवाबदेही और पुलिस व्यवस्था में जनता का विश्वास मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में जंतर-मंतर सहित अन्य संवेदनशील प्रदर्शन स्थलों पर भी पुलिस की तैनाती और कार्यप्रणाली पर विशेष निगरानी रखी जा सकती है।

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