बीकानेर: साइबर फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश, 20 लाख के झगड़े से खुला ठगी का बड़ा नेटवर्क

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बीकानेर। साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार रोहित गोदारा गिरोह से जुड़े दो आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं। बीकानेर पुलिस अब इन खुलासों की पुष्टि में जुटी हुई है। करीब 12 दिन पहले दोनों आरोपियों के बीच हुए विवाद ने मामले को और गंभीर बना दिया था।

साइबर थाना प्रभारी शालिनी बजाज ने बताया कि मंगलवार को आरोपी संदीप स्वामी और मुकेश बिश्नोई को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। रिमांड अवधि में दोनों से साइबर ठगी की रकम, क्रिप्टो ट्रांजैक्शन और हथियारों की खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ की जाएगी।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के बीच 8 जून को करीब 20 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद मामला मारपीट और फायरिंग तक पहुंच गया। रामपुरा बस्ती में हुई इस घटना में मुकेश बिश्नोई घायल हुआ था, जिसके बाद मुक्ताप्रसाद नगर थाने में केस दर्ज किया गया था।

जांच में सामने आया है कि संदीप ने पिछले वर्ष चित्तौड़गढ़ से करीब 60 हजार रुपये में एक पिस्टल खरीदी थी, जिसका भुगतान ऑनलाइन माध्यम (फोनपे) से किया गया था। इसी डिजिटल ट्रांजैक्शन के आधार पर पुलिस पिछले कई दिनों से जांच में जुटी थी।

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी पिछले लगभग एक वर्ष से साइबर ठगी की गतिविधियों में सक्रिय थे। वे ठगी की रकम को अपने और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों के बैंक खातों में मंगवाकर उसे क्रिप्टो करेंसी में बदलते थे और आगे गैंग तक पहुंचाते थे।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के बैंक खातों में देश के विभिन्न राज्यों से दर्ज करीब 23 एनसीआरपी शिकायतों के तहत लगभग 50 लाख रुपये की साइबर ठगी की राशि जमा हुई है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है।