हनुमानगढ़: एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार

हनुमानगढ़। जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नोहर थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने गांव असरजाना स्थित एक खेत की ढाणी में संचालित अवैध एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर एमडी ड्रग्स, अफीम, रासायनिक पदार्थ और ड्रग्स बनाने में उपयोग होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। मामले में पांच अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शुक्रवार रात नोहर थाना प्रभारी अजय कुमार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि असरजाना निवासी रविन्द्र अपने साथियों के साथ खेत में बनी ढाणी में एमडी ड्रग्स तैयार कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस और डीएसटी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सुभाष पुत्र भागीरथ बिश्नोई निवासी कालूपुरा, जिला जालोर, सुनील कुमार पुत्र सुगन सिंह राजपूत निवासी जाखड़ावाली, रविन्द्र पुत्र हनुमानसिंह राजपूत और विजयपाल सिंह पुत्र प्रतापसिंह राजपूत निवासी असरजाना को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 212 ग्राम अफीम, 5.36 ग्राम एमडी ड्रग्स, मिथाइल प्रोपियोफेनोन से भरी चार कांच की बोतलें, बेंजीन, 25 लीटर एसीटोन, 25 लीटर हाइड्रोक्लोरिक एसिड, 25 लीटर मिथाइलामीन और 2500 एमएल एन-मेथाइल-2 पाइरोलिडोन (एनएमपी) बरामद किया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच सिंचाई थाना प्रभारी हनुमान प्रसाद को सौंपी गई है।
एसपी ने बताया कि बरामद रसायनों से करीब एक किलोग्राम एमडी ड्रग्स तैयार की जा सकती थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ रुपये है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने लगभग 10 ग्राम एमडी ड्रग्स तैयार की थी, जिसका कुछ हिस्सा उन्होंने स्वयं सेवन कर लिया था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी सुभाष बिश्नोई गुजरात से कुछ रसायन लेकर आया था, जबकि अन्य सामग्री ऑनलाइन मंगवाई गई थी। गिरफ्तार आरोपी विजयपाल सिंह एक राजकीय विद्यालय में पीटीआई के पद पर कार्यरत है, जबकि सुनील कुमार पहले पुलिस भर्ती की तैयारी कर चुका है और सूरतगढ़ में पीजी हॉस्टल संचालित करता था।
पुलिस के अनुसार, सुभाष बिश्नोई के खिलाफ एनडीपीएस, डकैती, पॉक्सो और मारपीट समेत पांच मामले पहले से दर्ज हैं। वह गुजरात के डीसा थाने में दर्ज एमडी ड्रग्स मामले में भी फरार चल रहा है। वहीं, सुनील कुमार के खिलाफ हत्या के प्रयास और मारपीट सहित तीन मामले दर्ज हैं।
मामले में वांछित सतीश कुमार नाई, विनोद कुमार नायक, सुखदेव राजपूत, बलवंतराम नायक और दीपचंद जाट की तलाश जारी है। पुलिस नशे के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।