एसडीएच पूगल में स्वास्थ्य सेवाओं का मरीजों को लगातार मिल रहा हैं लाभ; पढ़े खबर

खाजूवाला। सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के लिए पूगल उपजिला अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। अस्पताल की सुविधाओं का लाभ पूगल, खाजूवाला, छत्तरगढ़ और 465 हेड क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को मिल रहा है। यहां जटिल सर्जरी और बेहतर चिकित्सा सेवाओं के कारण दूर-दराज के मरीज भी उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
हाल ही में अस्पताल में कार्यरत सर्जन डॉ. कैलाश सांखला ने अनूपगढ़ के नाहरांवाली गांव की एक बच्ची का सफल ऑपरेशन कर उसके पेट से गांठ निकाली। परिजनों ने अस्पताल की सुविधाओं के बारे में जानकारी मिलने के बाद डॉ कैलाश सांखला से सम्पर्क किया था। प्रारंभिक जांच के बाद ऑपरेशन की सलाह दी गई, जिस पर सहमति मिलने के बाद सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की गई। सर्जरी में नर्सिंग ऑफिसर भागीरथ व दीपिका का भी सहयोग रहा।
डॉ. कैलाश सांखला ने बताया कि यहां दूर दराज से मरीज पहुंचते हैं। उपजिला अस्पताल में कम सुविधाओं के बावजूद भी यहां गुर्दे व पित्त की थैली की पत्थरी, शरीर के बाहर की गांठ, हर्निया, स्तन कैंसर की गांठ, आदि की सर्जरी की जाती हैं। सीमावर्ती एवं दूरस्थ क्षेत्र में इस प्रकार की सर्जरी करना चुनौतीपूर्ण कार्य होता है लेकिन अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों की टीम के सामूहिक मेहनत, प्रयास एवं समर्पण से यह संभव हो जाता हैं।
प्रभारी डॉ (ऑर्थो) रामस्वरूप ज्याणी ने बताया कि यहां हड्डी रोग से संबंधित सर्जरी की जाती हैं। गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी शुक्रवार व शनिवार को की जाती हैं। पूगल उपजिला अस्पताल में निरंतर नई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी एवं हीट वेव के बावजूद अस्पताल की ओपीडी में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। यहां नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ रामचन्द्र बिश्नोई, टीबी व चैस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ जितेन्द्र, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ सीताराम डारा, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ कमलकिशोर, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ आयशा अहमद, नेत्र सहायक दिनेश सैनी आदि सेवाएँ देते है।