राजस्थान के 25 हजार शिक्षकों को बड़ी राहत: प्रमोशन का रास्ता साफ, 20 मई से शुरू होगी प्रक्रिया

राजस्थान में कार्यरत तृतीय श्रेणी शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से अटकी पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर शिक्षा विभाग ने अहम कदम उठाया है। पिछले छह शैक्षणिक सत्रों से लंबित पदोन्नतियों का रास्ता अब साफ होता नजर आ रहा है। विभाग ने वरिष्ठता सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं, जिसके तहत 20 मई से प्रक्रिया शुरू होगी।
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर के निदेशक सीताराम जाट ने सभी संयुक्त निदेशकों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इस बार वरिष्ठता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। पहले पांच-पांच साल के अंतराल में वरिष्ठता सूची तैयार होती थी, लेकिन अब एकमुश्त सूची बनाई जाएगी। इसमें 1 अप्रैल 2022 तक नियुक्त सभी तृतीय श्रेणी शिक्षकों को शामिल किया जाएगा। इसी सूची के आधार पर आगे वरिष्ठ अध्यापक पद पर पदोन्नति प्रक्रिया को गति दी जाएगी। अनुमान है कि इस निर्णय से प्रदेशभर के करीब 25 हजार शिक्षकों को लाभ मिलेगा। संभाग स्तर पर वरिष्ठता सूची 10 जून तक जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
9 दिनों में आपत्तियों का निस्तारण :-
शिक्षा विभाग ने वरिष्ठता सूची तैयार करने के लिए चरणबद्ध समय-सारणी भी जारी की है। 25 मई तक जिला स्तर पर अस्थाई वरिष्ठता सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण 29 मई तक कर स्थाई सूची तैयार कर आगे भेजी जाएगी।
यह रहेगा पूरा शेड्यूल :-
- 20 मई: 1 अप्रैल 2022 की स्थिति के अनुसार जिला स्तर पर अस्थाई वरिष्ठता सूची तैयार होगी।
- 25 मई: अस्थाई सूची पर आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी।
- 29 मई: आपत्तियों का निस्तारण कर स्थाई वरिष्ठता सूची संयुक्त निदेशक को भेजी जाएगी।
- 10 जून: मंडल स्तर पर मिश्रित अस्थाई वरिष्ठता सूची जारी होगी।
- 15 जून: इस सूची पर आपत्तियां ली जाएंगी।
- 25 जून: आपत्तियों का निस्तारण कर अंतिम मिश्रित वरिष्ठता सूची जारी की जाएगी।
छह सत्रों की पदोन्नति अब भी लंबित:-
राज्य में तृतीय श्रेणी शिक्षकों की वरिष्ठ अध्यापक पद पर सत्र 2021-22 से लेकर 2026-27 तक की पदोन्नतियां लंबित हैं। हालांकि सत्र 2021-22 की पदोन्नति प्रक्रिया नौ मंडलों में पूरी हो चुकी है, लेकिन पदस्थापन अब भी शेष है।
तबादलों का इंतजार जारी:-
तृतीय श्रेणी शिक्षक लंबे समय से तबादलों का भी इंतजार कर रहे हैं। अंतिम बार वर्ष 2018 में तबादले किए गए थे। इसके बाद अगस्त 2021 में शाला दर्पण पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन लिए गए, जिसमें करीब 85 हजार शिक्षकों ने आवेदन किया, लेकिन अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।