ससुर की मौत का सदमे में बहू की मौत, दो दिन में एक ही घर से निकली दो अर्थियां

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ससुर की मौत का सदमे में बहू की मौत, दो दिन में एक ही घर से निकली दो अर्थियां
ससुर के देहांत होने से सदमे में आई बहू को दो घंटे बाद ही ब्रेन हेमरेज हो गया। परिजन इलाज के लिए हॉस्पिटल ले गए। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। दो दिन में एक ही परिवार में ससुर और फिर उनकी बहू की अर्थी निकली तो पूरा गांव रो पड़ा। बोले कि ससुर को पिता मानकर सेवा की थी। दोनों के बीच पिता-पुत्री जैसा स्नेह था। घटना जोधपुर जिले के बासनी मनणा गांव की है। जहां 11 मई की शाम करीब 6 बजे 95 साल के अमृतसिंह का देहांत हो गया। ससुर को पिता मानकर उनकी सेवा करने वाली 45 साल की बहू मंजू कंवर अपने ससुर की मौत से सदमे में आ गई। उनकी आंखों से आंसू रूकने का नाम नहीं ले रहे थे।

ससुर की अर्थी निकलते ही आया ब्रेन हेमरेज
11 मई की को अमृतसिंह का देहांत हुआ। 12 मई को उनकी अंतिम यात्रा जोधपुर जिले के बासनी मनण गांव से निकली और उनका अंतिम संस्कार किया। इधर 45 वर्षीय मंजू कंवर को ब्रेन हेमरेज हो गया। ऐसे में उन्हें इलाज के लिए परिजन जोधपुर एमडीएम हॉस्पिटल ले गए। जहां उपचार के दौरान 12 मई की दोपहर को उन्होंने भी प्राण त्याग दिए। 13 मई की उनकी अंतित यात्रा निकाली गई। दो दिन में ससुर और फिर बहू की अर्थी एक ही घर से निकली तो सभी ग्रामणी की आंखों में आंसू थे। बोले कि मंजू कंवर ने अपने ससुर की बेटी बनकर सेवा की। उनकी मौत का सदमा सहन नहीं कर सकी।