हनुमानगढ़: एथेनॉल फैक्ट्री आंदोलन की आग तेज, किसानों की सरकार को चेतावनी, अलर्ट मोड पर प्रशासन
हनुमानगढ़: एथेनॉल फैक्ट्री आंदोलन की आग तेज, किसानों की सरकार को चेतावनी, अलर्ट मोड पर प्रशासन
Hanumangarh : हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र में जारी किसान आंदोलन को लेकर किसानों ने सरकार और प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया है कि यह संघर्ष सिर्फ किसी एक फैक्ट्री तक सीमित नहीं है, बल्कि खेती, जमीन और किसानों के भविष्य की लड़ाई है। संगरिया स्थित धानमंडी में आयोजित महापंचायत में वक्ताओं ने जिले के किसानों की एकजुटता की सराहना की।
किसान नेताओं ने धारा 163 लागू होने के बावजूद तीसरी बार सफल आयोजन करने पर किसानों को बधाई दी और चेतावनी दी कि किसी भी किसान को डराने या दबाने की कोशिश की गई तो पूरा हनुमानगढ़ जिला एकजुट होकर विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि चाहे किसान हनुमानगढ़ का हो, संगरिया का या टिब्बी का, सभी एक साथ खड़े हैं।
सभा में सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। आरोप लगाया गया कि प्रशासन ने टिब्बी क्षेत्र में शांतिपूर्ण आंदोलन को रोकने के लिए दबाव बनाया और किसानों को हिरासत में लिया। किसान नेताओं ने सरकार के मंत्रियों के हालिया बयानों का हवाला देते हुए कहा कि किसानों की सहमति के बिना फैसले थोपे जा रहे हैं।
आंदोलन को जारी रखने की चेतावनी देते हुए नेताओं ने कहा कि एमओयू लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है, जबकि किसानों और जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया जा रहा। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक मांगों को गंभीरता से नहीं सुना जाएगा, आंदोलन जारी रहेगा।
किसान नेताओं ने एथेनॉल फैक्ट्री से क्षेत्र की खेती, भूजल और पर्यावरण पर संभावित खतरे की ओर ध्यान दिलाया और बिना किसानों की सहमति उद्योग लगाने का विरोध किया।
महापंचायत में प्रमुख किसान नेता जैसे जगतार सिंह उग्राहां, मनजीत धनेर, जोगेन्द्र उग्राहां, बलवान पुनियां, मंगेज चौधरी, रेशम सिंह मानुका और राष्ट्रीय किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जसवीर भाटी सहित कई नेता शामिल हुए।
संगरिया में प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। शहर के प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात किए गए, कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू की गई। एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवाएं भी बंद रखी गईं।