खाजूवाला में मानवता की मिसाल, जीवन दायिनी ब्लड सेवा समिति ने दो बहनों की शादी में भरा मायरा

खाजूवाला। सीमावर्ती क्षेत्र खाजूवाला के चक 2 केवाईएम में मानवता और सामाजिक सरोकार की अनूठी मिसाल देखने को मिली। यहां जीवन दायिनी ब्लड सेवा समिति ने एक बेसहारा परिवार की दो बेटियों की शादी में मायरा भरकर भाई और पिता दोनों का फर्ज निभाया। समिति की इस पहल ने न केवल परिवार को भावुक कर दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र में इसकी सराहना हो रही है।
जानकारी के अनुसार करीब दो वर्ष पूर्व परिवार के मुखिया और बेटियों के पिता का निधन हो गया था। घर में कोई कमाने वाला सदस्य न होने और भाई का सहारा न होने के कारण बेटियों की शादी की चिंता परिवार को सता रही थी। ऐसे कठिन समय में जीवन दायिनी ब्लड सेवा समिति ने आगे आकर परिवार का संबल बनने का निर्णय लिया।
समिति के सदस्य डीजे और वाहनों के काफिले के साथ पूरे उत्साह के साथ चक 2 केवाईएम पहुंचे और सामाजिक परंपराओं के अनुसार बेटियों का मायरा भरा। इस दौरान माहौल भावुक हो गया और मौजूद लोगों ने समिति के इस कार्य की जमकर प्रशंसा की।
इस अवसर पर क्षेत्र के डॉक्टर, व्यापारी, कर्मचारी और समाजसेवी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने बेटियों को आशीर्वाद देते हुए समिति की इस सेवा भावना को प्रेरणादायक बताया। उल्लेखनीय है कि समिति इससे पहले भी आठ जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में मायरा भर चुकी है और यह नौवां मायरा रहा।
सेवानिवृत्त बीएसएफ जवान विनोद डारा ने बताया कि समिति का उद्देश्य जरूरतमंद और असहाय परिवारों के साथ खड़ा होना है ताकि कोई भी व्यक्ति खुद को अकेला महसूस न करे। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी समिति इसी तरह समाज सेवा के कार्य करती रहेगी। समिति की इस पहल ने समाज को यह संदेश दिया कि यदि नेक सोच और सहयोग की भावना हो तो किसी के जीवन में खुशियां लौटाई जा सकती हैं।