10,800 क्यूसेक छोड़ा गया पानी, जाने नहर में कहां तक पहुंचा

10,800 क्यूसेक छोड़ा गया पानी, जाने नहर में कहां तक पहुंचा
बीकानेर। करीब डेढ़ महीने की लंबी नहरबंदी के बाद आखिरकार रविवार को इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) का पानी सूरतगढ़ क्षेत्र में पहुंच गया। दोपहर में पानी सूरतगढ़- बीकानेर नेशनल हाईवे-62 स्थित मुख्य पुल 236 आरडी को पार कर गया। नहर में पानी पहुंचते ही किसानों और आमजन के चेहरों पर खुशी लौट आई। लंबे समय से सूखे पड़े खेतों में अब फिर से हरियाली की उम्मीद जग गई है। सिंचाई विभाग के अनुसार 1 अप्रैल से नहरबंदी लागू की गई थी। इस दौरान नहर की सिल्ट सफाई, टूटी पटड़ियों की मरम्मत, रेगुलेटरों के रखरखाव और अन्य तकनीकी कार्य किए गए। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नहर की बेहतर जल वहन क्षमता और सुचारू संचालन के लिए यह कार्य आवश्यक था। 15 मई को नहर में पानी छोड़ा गया था, जो रविवार को 236 आरडी तक पहुंच गया।
जल संसाधन विभाग के अशिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल नहर में हरीके बैराज से 10 हजार 800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो तेजी से राजस्थान के जिलों में प्रवेश कर रहा है। विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में पानी टेल क्षेत्र तक पहुंच जाएगा। इससे सूरतगढ़ के साथ-साथ रावला, घड़साना और अनूपगढ़ क्षेत्र के हजारों किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई से पहले पर्याप्त सिंचाई पानी मिल सकेगा। किसान अब नरमा, ग्वार और अन्य फसलों की तैयारी में जुट गए हैं। दूसरी ओर नहरबंदी के कारण पिछले डेढ़ माह से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही थी। कई जगह एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई दी जा रही थी। अब नहर में पानी पहुंचने के बाद पेयजल व्यवस्था में भी जल्द सुधार होने की उम्मीद है।
जलदाय विभाग के सहायक अभियंता अजय सहारण ने बताया कि IGNP की 236 आरडी पर पानी पहुंच चुका है तथा अगले 15 से 20 घंटों में जल भंडारण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद आगामी तीन दिनों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह सामान्य कर दिया जाएगा। विभाग ने नागरिकों के सहयोग और धैर्य के लिए आभार भी व्यक्त किया।