बीकानेर: 1 किमी जाने के लिए रोज 4 किलोमीटर का चक्कर लगा रहे 1 लाख वाहन, जाने वजह

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बीकानेर: 1 किमी जाने के लिए रोज 4 किलोमीटर का चक्कर लगा रहे 1 लाख वाहन, जाने वजह

बीकानेर। ये संभाग मुख्यालय है। ऐसा मुख्यालय जहां केन्द्र में कानून मंत्री है। इसी जिले से प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। पांच से छह आईएएस अफसर हैं। सत्ता के 6 विधायक हैं। फिर भी ये शहर अनाथ सा महसूस कर रहा है। सिस्टम मानो शहर में है ही नहीं। जनता की समस्या को कोई सुनने या देखने वाला नहीं है। अगर आप पुलिस लाइन से आ रहे हैं और जूनागढ़ जाना है तो भुट्टों के चौराहे से आप राइट टर्न नहीं ले सकते। क्योंकि पुलिस ने अपनी मनमर्जी से बैरीकेड लगा दिया। इसके आगे श्रीगंगानगर चौराहे से आप टर्न लेना चाहो तो भी पुलिस ने यहां कीर्ति स्तंभ चौराहे की तरफ बेरीकेटिंग लगा दिए। अब दीनदयाल सर्किल से अगर की​र्ति स्तंभ चौराहे की ओर आना चाहो तो दो महीने से नगर निगम ने इस सड़क बंद कर रखा है। यानी आपको तीन से चार किलोमीटर का चक्कर लगाकर दुर्गादास स​र्किल या म्यूजियम सर्किल से ही घूमकर आना होगा।

सवाल ये कि जनता की ये परेशानी क्या पुलिस अधीक्षक को नहीं दिखती कि उनकी ट्रेफिक पुलिस कैसे अपनी मनमानी कर रही या कलेक्टर को नहीं दिखता कि एक सड़क दो महीने से बंद है और वहां सीवरेज का काम नहीं हो पाया। यही हालात जूनागढ़ में तीन फाटकों के पास है। यहां भी पब्लिक पार्क से आने वाले व्यक्ति को शार्दूल सिंह सर्किल से घूमकर आना पड़ता है और वहां जिस जगह से लोग टर्न लेते हैं वहां ठेले और टैक्सी वाले खड़े रहते हैं जिसके कारण वहां जगह नहीं बचती। भुट्टो का चौराहा पर से कीर्ति स्तंभ चौराहे के लिए रोड़ निकलती है। पहले रोड़ टूटी थी। अब सीसी बन गई। रोड बनते ही पुलिस ने यहां बेरीकेटिंग लगा दी। तर्क दिया कि यहां मुड़ने से जाम लगता है मगर इसी चौराहे पर ट्रेफिक पुलिस के सिपाही रहते हैं। मगर उनका फोकस चालान पर होता है ट्रेफिक संभालने पर नहीं। इस कारण पुलिस को मेहनत ना करनी पड़ी इसलिए यहां बेरीकेटिंग लगा दिए और खुद चालान बनाने में व्यस्त हो गई।

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