बीकानेर: आई राहत वाली खबर, यहां पहुंचा पानी, जाने कब से होगी जलापूर्ति

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बीकानेर: आई राहत वाली खबर, यहां पहुंचा पानी, जाने कब से होगी जलापूर्ति

बीकानेर। भीषण गर्मी के बीच पिछले कई दिनों से पानी की बूंद-बूंद को तरस रही मरुधरा के लिए बड़ी राहत की खबर है। आधी रात करीब 1:00 बजे ‘हिमालय का अमृत’ यानी मीठा पानी इंदिरा गांधी नहर के रास्ते बीकानेर के बीछवाल जलाशय में प्रवेश कर गया। इसके साथ ही पिछले कई दिनों से चल रहा पेयजल संकट अब पूरी तरह टलने की राह पर है। नहरबंदी भी अब खत्म होने के बिल्कुल मुहाने पर पहुंच चुकी है। बुधवार को बीछवाल सिस्टम से जुड़े घरों में पानी की किल्लत पूरी तरह दूर हो जाएगी। इस राहत के बाद गुरुवार से शहर की जलापूर्ति पूरी तरह पटरी पर लौटने की उम्मीद है। जलदाय विभाग के अनुसार वर्तमान में बीछवाल जलाशय में करीब 20 से 30 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी ही शेष बचा है। बुधवार को बीछवाल जलाशय से जुड़े क्षेत्रों में करीब 40 एमएलडी पानी की सप्लाई की जानी है। मंगलवार रात 1 बजे जैसे ही नहर का पानी बीछवाल पहुंचा, विभाग के पास पर्याप्त बैकअप हो गया। बुधवार सुबह की सप्लाई के लिए पीएचईडी कुछ पानी सीधे नहर से लिफ्ट करेगा और कुछ जलाशय में मौजूद स्टॉक से लेकर मिक्स सप्लाई करेगा।

पानी बीकानेर तक पहुंचना भले ही बड़ी कामयाबी हो, लेकिन असली जिम्मेदारी अब आम नागरिकों की शुरू होती है। पश्चिमी राजस्थान के लोगों से बेहतर यह कोई नहीं जानता कि पानी की एक-एक बूंद कितनी कीमती है। जलाशयों में पानी आ रहा है, तब भी हमें हर हाल में इसकी बर्बादी को रोकना होगा। संकट टलने का मतलब यह कतई नहीं है कि पानी को बेवजह बहाया जाए। नहर का पानी बीकानेर पहुंचने के साथ ही अब तक की सबसे बड़ी वजह यानी ‘नहरबंदी’ का बहाना तो खत्म हो गया है। लेकिन अब भीषण गर्मी के इस दौर में जलदाय विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती शहर के अंतिम छोर (टेल) पर स्थित मकानों तक पानी पहुंचाने की होगी। उम्मीद जताई जा रही है कि 20 को दोनों जलाशयों तक पानी पहुंचने के बाद 22 से नहरबंदी खत्म हो सकती है। यानी जिसके यहां 20 को पानी आएगा, उसके यहां एक बार 21 को पानी नहीं आएगा, मगर 22 के बाद अनवरत पानी आने की संभावना है।