दर्दनाक हादसा: बस से उतरते समय रोड पर गिरी छात्रा, हुई मौत

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नागौर। लाडनूं क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 17 वर्षीय छात्रा की जान चली गई। यह हादसा गेनाणा-रताऊ मार्ग स्थित नेशनल हाईवे-458 पर बालाजी मंदिर के पास हुआ, जहां बस से उतरते समय छात्रा गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई।

पुलिस के मुताबिक गेनाणा निवासी गोपालराम मेघवाल (45) ने निंबी जोधा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनकी भतीजी प्रियंका मेघवाल (17) पुत्री हरिफूल मेघवाल एसटीसी की तैयारी के लिए निंबी जोधा की एक लाइब्रेरी में पढ़ने जाती थी। 27 मार्च को वह बस से अपने गांव लौट रही थी।

दोपहर करीब 3:30 बजे जब बस गेनाणा-रताऊ के बीच बालाजी मंदिर के पास रुकी, तो प्रियंका उतरने लगी। इसी दौरान चालक ने लापरवाही बरतते हुए बस को अचानक आगे बढ़ा दिया, जिससे वह संतुलन खोकर नीचे गिर गई। गिरने से उसके सिर में गंभीर चोट आई और वह मौके पर ही बेहोश हो गई।

घायल अवस्था में उसे पहले लाडनूं के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर कर दिया गया। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उसके सिर का ऑपरेशन किया गया, लेकिन उपचार के दौरान 29 मार्च को दोपहर करीब 2 बजे उसने दम तोड़ दिया।

इसके बाद पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। 30 मार्च को गेनाणा गांव में उसका अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने बस चालक पर तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और जांच एएसआई लक्ष्मीनारायण को सौंपी गई है।

बताया जा रहा है कि प्रियंका पढ़ाई में बेहद होनहार थी और साधारण परिवार से संबंध रखती थी। उसके पिता हरिफूल मेघवाल करीब एक साल पहले कर्ज लेकर विदेश कमाने गए थे, लेकिन बेटी की मौत की खबर मिलने के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। परिवार में दो बहनें और एक भाई हैं, जिनमें प्रियंका सबसे बड़ी थी।

वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी और बेहतर पढ़ाई के लिए हाल ही में निंबी जोधा की लाइब्रेरी जॉइन की थी। दुखद बात यह है कि उसकी मां उसे एक दिन पहले ही लाइब्रेरी में दाखिला दिलाकर आई थी और अगले ही दिन यह हादसा हो गया, जिससे परिवार पर गहरा दुख छा गया है।

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