रविंद्र सिंह भाटी की सुरक्षा में कटौती, तीन PSO हटाए गए, विधायक बोले- ‘बैकडेट में रचा गया सियासी खेल’

राजस्थान की राजनीति में तेजी से उभरते युवा चेहरे और शिव से विधायक रविंद्र सिंह भाटी एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। इस बार वजह उनकी लोकप्रियता नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था में की गई कटौती है। बाड़मेर पुलिस प्रशासन ने भाटी को मिली सुरक्षा में बदलाव करते हुए चार में से तीन पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर्स (PSO) को वापस बुला लिया है। इस फैसले के बाद सीमावर्ती जिले की सियासत अचानक गर्मा गई है।
क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार, रविंद्र सिंह भाटी को मार्च 2025 में मिली धमकियों और इंटेलिजेंस इनपुट्स के आधार पर चार सुरक्षाकर्मी—दो कमांडो और दो पुलिसकर्मी—मुहैया कराए गए थे। हालिया आदेश के बाद अब उनकी सुरक्षा घटाकर एक PSO तक सीमित कर दी गई है। यह निर्णय बाड़मेर एसपी चूनाराम जाट द्वारा जारी आदेश के तहत लिया गया, जो राज्य स्तर पर हुई सुरक्षा समीक्षा के आधार पर बताया जा रहा है।
भाटी का आरोप: राजनीतिक साजिश
सुरक्षा में कटौती को लेकर विधायक भाटी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदेश ‘बैकडेट’ में जारी किए गए हैं और इसे राजनीतिक साजिश बताया। भाटी ने कहा कि यह कदम उन्हें दबाने की कोशिश है, लेकिन वे जनता की आवाज उठाना जारी रखेंगे।
पुलिस का पक्ष:-
वहीं, बाड़मेर एसपी चूनाराम जाट ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि सुरक्षा समीक्षा राज्य स्तर पर की गई थी और 13 अप्रैल को ही आदेश जारी कर दिए गए थे। सुरक्षाकर्मियों ने 14 अप्रैल को पुलिस लाइन में रिपोर्ट भी कर दी थी। साथ ही, भाटी की मांग पर एक PSO को बदलकर उनकी पसंद का सुरक्षाकर्मी तैनात किया गया है।
सियासी मायने:-
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला सिर्फ प्रशासनिक निर्णय तक सीमित नहीं रह गया है। भाटी द्वारा इसे साजिश करार देना उनके समर्थकों के बीच एक राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। सीमावर्ती बाड़मेर में पहले भी उनकी सुरक्षा और धमकियों को लेकर चर्चाएं होती रही हैं।