राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव: मतदान दिवस को लेकर नई गाइडलाइन जारी, उम्मीदवारों पर सख्त प्रतिबंध लागू
राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव: मतदान दिवस को लेकर नई गाइडलाइन जारी, उम्मीदवारों पर सख्त प्रतिबंध लागू
Rajasthan Panchayat and Local Body Elections: राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान दिवस के लिए नई गाइडलाइन जारी की है, जिसमें प्रत्याशियों पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश वर्मा ने बताया कि मतदान के दिन मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में किसी भी तरह के चुनाव प्रचार पर पूरी तरह रोक रहेगी। इस दायरे में न तो कोई प्रत्याशी चुनावी बूथ लगा सकेगा और न ही पोस्टर, बैनर, होर्डिंग या नारेबाजी की अनुमति होगी।
राजेश वर्मा के अनुसार मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने-ले जाने या किसी भी प्रकार का प्रलोभन देने पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। धार्मिक स्थलों या उनके परिसरों में चुनावी बूथ नहीं लगाए जाएंगे। इसके अलावा अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास भी बूथ स्थापित करने पर रोक रहेगी। मतदान केंद्र पर केवल प्रत्याशी का नाम और क्रमांक लिखने की अनुमति होगी।
उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई:-
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान पर्ची पर केवल मतदाता का नाम, सूची क्रमांक और मतदान केंद्र का नाम ही अंकित होगा। बूथ पर भीड़ जुटाने या शोर-शराबा करने की अनुमति नहीं होगी। नियमों के उल्लंघन पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
लाउडस्पीकर और प्रचार को लेकर दिशा-निर्देश:-
गाइडलाइन के अनुसार प्रचार के दौरान अमर्यादित भाषा, अपशब्दों के प्रयोग और दूसरे प्रत्याशी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करने पर रोक लगाई गई है। प्रत्याशी किसी भी राजनीतिक दल के नाम या झंडे का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा और न ही सरकारी भवनों का उपयोग चुनावी बैठक या प्रचार के लिए किया जा सकेगा। सार्वजनिक स्थल पर सभा के लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा, जिसकी सूचना पुलिस को भी देनी होगी। लाउडस्पीकर का उपयोग सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही किया जा सकेगा।
जुलूस निकालने के लिए अनुमति जरूरी:-
प्रत्याशियों को जुलूस निकालने के लिए पूर्व अनुमति लेनी होगी। आवेदन में जुलूस का स्थान, समय, तिथि, मार्ग और समापन स्थल की पूरी जानकारी देनी होगी। जुलूस के दौरान यातायात नियंत्रण की व्यवस्था आयोजक को स्वयं करनी होगी।
48 घंटे पहले बंद होगा प्रचार:-
मतदान के लिए निर्धारित समय से 48 घंटे पहले सभी प्रकार का चुनाव प्रचार बंद कर दिया जाएगा। वहीं, प्रत्याशी चुनाव कार्यालय भी संबंधित निर्वाचन अधिकारी से अनुमति लेने के बाद ही खोल सकेंगे।