राजस्थान: डोडा तस्करों से दो लाख की डील कर कार छोड़ने वाले चार पुलिसकर्मी बर्खास्त, जानें पूरा मामला

राजस्थान: डोडा तस्करों से दो लाख की डील कर कार छोड़ने वाले चार पुलिसकर्मी बर्खास्त, जानें पूरा मामला

Rajasthan News: पाली, डोडा पोस्त से भरी कार को तस्कर से दो लाख रुपये लेकर छोड़ने के मामले में जिले के दो पुलिस थानों के चार पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। मामले के सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक आदर्श सिधू के निर्देश पर कराई गई जांच में चारों पुलिसकर्मी दोषी पाए गए।

जांच में देसूरी थाना के हेड कांस्टेबल सोहनलाल और कांस्टेबल बंशीलाल, तथा सादड़ी थाना के हेड कांस्टेबल रामकेश और कांस्टेबल नच्छूराम की संलिप्तता सामने आई। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस अधीक्षक ने चारों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया।

पुलिस जांच के अनुसार, 18 दिसंबर 2025 को चारों पुलिसकर्मियों ने सोमेसर के पास एक कार को रोका था, जिसमें करीब 118 किलो डोडा पोस्त भरा हुआ था। आरोप है कि तस्कर से दो लाख रुपये की डील कर कार को छोड़ दिया गया और इस कार्रवाई की सूचना उच्च अधिकारियों को भी नहीं दी गई।

बाद में यही कार पाली में सदर थाना पुलिस की टीम ने पणिहारी तिराहे के पास पकड़ी। पूछताछ के दौरान चालक धीरेन्द्र चौधरी ने पूरे मामले का खुलासा किया। उसने बताया कि कार जोधपुर निवासी तस्कर भंवरलाल खिलेरी की थी और अवैध मादक पदार्थ उसी के लिए ले जाया जा रहा था।

जांच में यह भी सामने आया कि पुलिसकर्मियों ने चालक के मोबाइल से तस्कर से संपर्क कर एस्कॉर्ट कर आगे निकले व्यक्ति से बातचीत की और रुपये की व्यवस्था जोधपुर में करवाई गई। रुपये मिलने की पुष्टि के बाद ही डोडा पोस्त से भरी कार को छोड़ा गया।

देसूरी थानाधिकारी भी हो चुके लाइन हाजिर:-

2 लाख रुपए लेकर डोडा भरी कार को छोड़ने के इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने देसूरी थानाधिकारी को भी लाइन हाजिर किया है। थानाधिकारी ने इस मामले में लिप्त दोनों पुलिसकर्मियों की लोकेशन पुलिस थाने में ही बताई थी। हालांकि बाद में फरार होने की सूचना दी बताई।

संदेश: कानून से ऊपर कोई नहीं

मामले के उजागर होने के बाद पुलिस विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया कि नशे के खिलाफ चल रहे अभियान में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह वर्दीधारी ही क्यों न हो।

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