राजस्थान साइबर पुलिस की नई एडवाइजरी, WhatsApp पर तुरंत बदलें ये सेटिंग्स; वरना खाली हो सकता है आपका बैंक अकाउंट

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जयपुर। डिजिटल दौर में वॉट्सऐप (WhatsApp) आज लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी और अकाउंट हैकिंग के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी को देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने लोगों को सतर्क रहने और वॉट्सऐप सुरक्षा से जुड़ी जरूरी सेटिंग्स तुरंत सक्रिय करने की सलाह दी है।

साइबर क्राइम ADG वी.के. सिंह ने शुक्रवार को बताया कि हमारी एक छोटी सी लापरवाही या अवेयरनेस की कमी का फायदा उठाकर हैकर्स पर्सनल चैट, प्राइवेट तस्वीरें, वीडियो और बैंक अकाउंट की खुफिया डिटेल्स चोरी कर सकते हैं। ऐसे मामलों से बचाव के लिए साइबर विशेषज्ञों ने कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की है।

Two-Step Verification जरूर करें ऑन:-

राजस्थान पुलिस ने सलाह दी है कि वॉट्सऐप की Settings > Account > Two-Step Verification में जाकर एक सुरक्षित पिन सेट करें। इससे यदि कोई व्यक्ति सिम क्लोनिंग जैसी तकनीक का इस्तेमाल करता है, तब भी बिना पिन के अकाउंट एक्सेस करना आसान नहीं होगा।

ऑटो डाउनलोड फीचर रखें बंद:-

साइबर ठग अक्सर APK, लिंक या PDF फाइलों के जरिए मालवेयर भेजने की कोशिश करते हैं। ऐसे में Storage and Data सेटिंग्स में जाकर ऑटो डाउनलोड बंद रखना सुरक्षित माना गया है, ताकि संदिग्ध फाइलें अपने आप डाउनलोड न हों।

प्राइवेसी सेटिंग्स को सुरक्षित रखें:-

पुलिस ने सलाह दी है कि प्रोफाइल फोटो, स्टेटस, लास्ट सीन और ग्रुप परमिशन जैसी सेटिंग्स को ‘My Contacts’ पर रखा जाए। इससे अनजान लोगों द्वारा प्रोफाइल फोटो के दुरुपयोग और फर्जी ग्रुप में जोड़ने जैसी घटनाओं से बचा जा सकता है।

Unknown Calls और IP सुरक्षा फीचर करें एक्टिव:-

वॉट्सऐप की प्राइवेसी सेटिंग्स में मौजूद Silence Unknown Callers फीचर को ऑन रखने की सलाह दी गई है, जिससे संदिग्ध इंटरनेशनल कॉल और स्पैम कॉल्स को रोका जा सके। इसके साथ Protect IP Address in Calls फीचर भी एक्टिव रखने को कहा गया है, ताकि कॉल के दौरान लोकेशन संबंधी जानकारी सुरक्षित रहे।

अनजान डिवाइस पर लॉगिन जरूर जांचें:-

यूजर्स को समय-समय पर Linked Devices सेक्शन में जाकर यह जांच करने की सलाह दी गई है कि उनका अकाउंट किसी अनजान डिवाइस में लॉगिन तो नहीं है। संदिग्ध डिवाइस दिखने पर तुरंत लॉगआउट करना जरूरी है।

साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत करें शिकायत:-

यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी या डिजिटल फ्रॉड की घटना होती है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है। इसके अलावा सरकार के नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज की जा सकती है या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया जा सकता है।