Rajasthan Assembly: पश्चिमी राजस्थान में 50 लाख खेजड़ी के पेड़ काटने की तैयारी, विधानसभा में रविंद्र सिंह भाटी ने और क्या कहा, जानें
Rajasthan Assembly: पश्चिमी राजस्थान में 50 लाख खेजड़ी के पेड़ काटने की तैयारी, विधानसभा में रविंद्र सिंह भाटी ने और क्या कहा, जानें
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में शून्यकाल के दौरान शिव से विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने पश्चिमी राजस्थान में खेजड़ी के पेड़ों की बड़े पैमाने पर हो रही कटाई का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने चेताया कि पश्चिमी राजस्थान में करीब 50 लाख खेजड़ी के पेड़ काटने की तैयारी की जा रही है और इसे रोकने के लिए प्रदेश में खेजड़ी संरक्षण कानून लागू किया जाना जरूरी है।
विधानसभा में निर्दलीय विधायक भाटी ने कहा कि खेजड़ी सिर्फ एक पेड़ नहीं, बल्कि मरुस्थलीय राजस्थान में जल, जीवन और आजीविका का मजबूत आधार है। उन्होंने अमृता देवी सहित 363 बलिदानियों का उल्लेख करते हुए कहा कि “सिर साटे रूंख रहे, तो भी सस्तो जाण” की परंपरा खेजड़ी संरक्षण की पहचान रही है।
चार जिलों में 26 लाख से अधिक पेड़ काटे गए:-
रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि बीते 15 वर्षों में जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर और बाड़मेर जिलों में 26 लाख से अधिक खेजड़ी के पेड़ काटे जा चुके हैं। इस अंधाधुंध कटाई से क्षेत्र की संस्कृति, पर्यावरण, पारिस्थितिकी और सामाजिक-आर्थिक संतुलन पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले समय में पश्चिमी राजस्थान में 50 लाख और खेजड़ी के पेड़ काटे जा सकते हैं।
कठोर कानून बनाने की मांग:-
विधायक भाटी ने कहा कि राजस्थान आज ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां राज्य वृक्ष खेजड़ी, राज्य पशु ऊंट और राज्य पक्षी गोडावण विलुप्ति के कगार पर हैं। इससे पश्चिमी राजस्थान से पलायन बढ़ रहा है और खेजड़ी बचाने को लेकर जन आंदोलन भी तेज हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से खेजड़ी संरक्षण के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की, ताकि इस अमूल्य विरासत को बचाया जा सके।