महंत देवानंद हत्याकांड में बड़ा खुलासा: खंजर-चाकू और दो बाइक बरामद, पुजारी पर रेकी कराने का आरोप

कोटा। बोरखेड़ा थाना क्षेत्र के चर्चित महंत देवानंद महाराज हत्याकांड की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार और वारदात में प्रयुक्त वाहन बरामद किए हैं। बरामद सामग्री में एक खंजर, तीन चाकू और दो मोटरसाइकिलें शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वारदात के बाद उन्होंने हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों को गामछ पुलिया के पास जंगल क्षेत्र में छिपा दिया था, ताकि पुलिस की जांच से बचा जा सके।
आरोपियों की निशानदेही पर बोरखेड़ा थाना पुलिस ने सर्च अभियान चलाकर बताए गए स्थान से एक खंजर और तीन चाकू बरामद किए। पुलिस ने सभी हथियारों को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है, जिससे मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जा सकें।
दो बाइक भी जब्त:-
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई दोनों मोटरसाइकिलें भी बरामद कर ली हैं। ये वाहन कोटा के उद्योग नगर थाना क्षेत्र स्थित आरोपियों के ठिकानों से जब्त किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि वारदात के दौरान इन वाहनों का उपयोग किया गया था और अब इन्हें भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
पुलिस के मुताबिक मामले की जांच जारी है और आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। हत्या की साजिश, वारदात की योजना और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है।
पुजारी और चौकीदार पर रेकी कराने का आरोप:-
CI अनिल कुमार टेलर ने बताया कि जांच में सामने आया है कि वारदात से चार दिन पहले मठ के पुजारी और चौकीदार ने मुख्य आरोपियों को मठ बुलाकर रेकी करवाई थी। इस दौरान उन्होंने मठ की व्यवस्था, महंत की दिनचर्या, कमरों की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की थीं।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने वारदात के बाद मठ की तिजोरी तोड़कर नकदी निकालने और बाहर खड़े वाहन में आग लगाने की योजना बनाई थी, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। वहीं, पुजारी नंदनवन के कमरे की कुंडी बाहर से बंद करना भी कथित साजिश का हिस्सा बताया जा रहा है।