Iran Israel War: खामेनेई की मौत के बाद अमेरिका-इजराइल पर भड़का चीन, कहा- मुस्लिम देशों को शर्म आनी चाहिए
Iran Israel War: ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के निधन की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय सियासत में हलचल तेज हो गई है। इस घटनाक्रम के बीच चीन ने अमेरिका और इजराइल पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। चीन ने कहा कि ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए।
चीन ने यह भी कहा कि वह भले ही इस्लामिक देश नहीं है, फिर भी वह ईरान के साथ खड़ा है, मुस्लिम देशों को शर्म आनी चाहिए। चीन ने क्षेत्र में तत्काल युद्धविराम (सीजफायर) की मांग करते हुए तनाव कम करने पर जोर दिया है।
पहले भी जता चुका है नाराजगी:-
अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों को लेकर चीन पहले भी चिंता जता चुका है। उसने हालिया कार्रवाई को क्षेत्रीय शांति के लिए खतरनाक बताया था और कहा था कि किसी भी देश की संप्रभुता और सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए। चीन ने सैन्य कार्रवाई रोककर बातचीत और कूटनीतिक समाधान की राह अपनाने की अपील की है।
मिसाइल डील से बढ़ी चर्चा:-
चीन और ईरान के बीच हाल में एक बड़ी मिसाइल डील भी हुई थी। जानकारी के मुताबिक, ईरान ने चीन से सुपरसोनिक एंटी-शिप क्रूज मिसाइल खरीदी है, जिससे उसकी सैन्य क्षमता को मजबूती मिलने की बात कही जा रही है। अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़ते तनाव के बीच यह डील हुई थी।
चीन की भूमिका पर अमेरिकी टिप्पणी:-
इजराइल-ईरान तनाव में चीन की भूमिका पर पेंटागन के पूर्व अधिकारी माइकल रुबिन ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस संघर्ष में चीन परोक्ष रूप से सक्रिय रह सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन पर ईरानी तेल की खरीद को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उनके अनुसार, यह तेल कथित तौर पर निजी रिफाइनरियों के जरिए रियायती दरों पर खरीदा जाता था, जिससे बीजिंग को आर्थिक लाभ मिलता था, हालांकि आधिकारिक तौर पर इससे इनकार किया जाता रहा है।