जंतर-मंतर पहुंचे अरविंद केजरीवाल, पीएम मोदी से की बड़ी अपील

बोले- सोनम वांगचुक को बनाया जाए देश का शिक्षा मंत्री
नई दिल्ली | Rkhabar
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गुरुवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे, जहां उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षाविद, इंजीनियर और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की। इस दौरान केजरीवाल ने केंद्र सरकार से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेने और उनकी जगह सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाए जाने की मांग की।
केजरीवाल ने प्रदर्शन स्थल पर मौजूद छात्रों और समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के युवाओं की आवाज को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए और युवाओं के भरोसे को कायम रखना चाहिए।
‘युवाओं की आवाज सुनिए’
अपने संबोधन में केजरीवाल ने कहा कि देशभर के छात्र परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने छात्रों और आंदोलनकारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि वह सोनम वांगचुक सहित आंदोलनकारी छात्रों की बात सुने और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में निर्णय ले।
धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग
केजरीवाल ने कहा कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव करने की मांग करते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए और उनकी जगह शिक्षा सुधारों के लिए कार्य कर चुके सोनम वांगचुक को जिम्मेदारी सौंपी जाए।
19वें दिन भी जारी है सोनम वांगचुक का अनशन
सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन गुरुवार को 19वें दिन में प्रवेश कर गया। उनका आंदोलन वर्ष 2026 की नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर केंद्रित है। आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि लगातार पहुंच रहे हैं और अपना समर्थन जता रहे हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य निगरानी के दिए निर्देश
इधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का जीवन बहुमूल्य है और सरकार की जिम्मेदारी है कि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करे।
अदालत ने निर्देश दिया कि वांगचुक के स्वास्थ्य की प्रतिदिन डॉक्टरों द्वारा निगरानी की जाए। यदि मेडिकल टीम किसी उपचार या अतिरिक्त चिकित्सा सुविधा की सलाह देती है, तो उसे बिना किसी देरी के उपलब्ध कराया जाए।
केंद्र सरकार ने अदालत को दिया भरोसा
सुनवाई के दौरान केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकारी डॉक्टरों और चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम पहले से ही रोजाना सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त मेडिकल टीम भी तैनात की जाएगी।
देशभर में बनी हुई है आंदोलन पर नजर
नीट-यूजी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहा यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष लगातार शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग उठा रहा है, जबकि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों का हवाला दे रही है। ऐसे में जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन और उससे जुड़ी राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।