वेटिंग टिकट कन्फर्म होगा या नहीं, एआई बताएगा, रेलवे 40 साल पुराना रिजर्वेशन सिस्टम बदल रहा

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वेटिंग टिकट कन्फर्म होगा या नहीं, एआई बताएगा, रेलवे 40 साल पुराना रिजर्वेशन सिस्टम बदल रहा

भारतीय रेलवे अपने 40 साल पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को पूरी तरह बदलने जा रहा है। नया सिस्टम AI की मदद से बताएगा कि वेटिंग टिकट कंफर्म होगा या नहीं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक की और अगस्त से ट्रेनों को नए अपग्रेड सिस्टम पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए। वर्तमान रिजर्वेशन सिस्टम साल 1986 में शुरू हुआ था। पिछले 40 सालों में इसमें कई छोटे बदलाव किए गए, लेकिन अब इसे लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की मदद से पूरी तरह नया किया गया है, ताकि इसकी क्षमता बढ़ाई जा सके।

सवाल 1: रेलवे अपने रिजर्वेशन सिस्टम में क्या बदलने जा रहा है?

जवाब: रेलवे 40 साल पुराने रिजर्वेशन सिस्टम को अपग्रेड कर रहा है। अगस्त से ट्रेनों को पुराने सिस्टम से नए और एडवांस सिस्टम पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसका मकसद बुकिंग क्षमता को बढ़ाना और अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करना है।

सवाल 2: रेल मंत्री ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए हैं?

जवाब: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि सिस्टम अपग्रेड करते समय यात्रियों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। वैष्णव ने शिफ्टिंग को स्मूथ और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया।

सवाल 3: देश में ऑनलाइन टिकट बुकिंग का चलन कितना बढ़ा है?

जवाब: रेलवे के मुताबिक, आज देश में कुल टिकटिंग डिमांड का लगभग 88% हिस्सा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए पूरा होता है। 2002 में इंटरनेट टिकटिंग की शुरुआत एक बड़ा माइलस्टोन थी, जिसके बाद अब ज्यादातर लोग काउंटर के बजाय मोबाइल से टिकट बुक करना पसंद करते हैं।

सवाल 4: रेल वन (RailOne) एप क्या है और यह कितना लोकप्रिय हो रहा है?

जवाब: रेलवे का नया मोबाइल एप है, जिसे पिछले साल जुलाई में लॉन्च किया गया था। एक साल से भी कम समय में इसे 3.5 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। गूगल प्ले स्टोर से इसे 3.16 करोड़ और एप्पल के iOS से 33.17 लाख बार डाउनलोड किया गया है।

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