राजस्थान में उपभोक्ता आयोग सख्त, खराब EV स्कूटर पर कंपनी को झटका, ग्राहक को रिफंड के साथ 30 हजार तक राहत

राजस्थान से उपभोक्ता अधिकारों को लेकर एक अहम और प्रेरक मामला सामने आया है। जैसलमेर के निवासी मुकेश बिस्सा ने तकनीकी खामियों से परेशान होकर न केवल आवाज उठाई, बल्कि लंबी कानूनी लड़ाई लड़ते हुए कंपनी को जवाबदेह बना दिया।
खरीद के कुछ ही दिनों में सामने आई खामियां:-
मुकेश बिस्सा ने 22 जनवरी 2025 को एक प्रतिष्ठित कंपनी का इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदा था। कंपनी और डीलर ने बेहतर प्रदर्शन और भरोसेमंद सर्विस का आश्वासन दिया था, लेकिन जल्द ही स्कूटर में गंभीर समस्याएं सामने आने लगीं।
- स्कूटर में लगातार तकनीकी खराबियां आने लगीं
- चलते-चलते स्टैंड टूट गया, हैंडल और ब्रेक भी खराब हो गए
- सुरक्षा इतनी प्रभावित हुई कि वाहन सड़क पर चलाने लायक नहीं रहा
कंपनी की अनदेखी के बाद आयोग का दरवाजा खटखटाया:-
बार-बार शिकायत करने के बावजूद जब कंपनी ने संतोषजनक समाधान नहीं दिया, तो मुकेश ने उपभोक्ता आयोग में मामला दर्ज कराया। करीब दो साल चली सुनवाई के बाद आयोग ने माना कि कंपनी ने दोषपूर्ण उत्पाद बेचकर उपभोक्ता के साथ लापरवाही की है।
आयोग का सख्त फैसला, उपभोक्ता को राहत:-
फैसले में आयोग ने कंपनी को उपभोक्ता को राहत देने के निर्देश दिए हैं:
- स्कूटर की पूरी कीमत ₹1,65,982 लौटाने के आदेश
- मानसिक और आर्थिक नुकसान के लिए ₹25,000 मुआवजा
- ₹5,000 परिवाद खर्च के रूप में अतिरिक्त भुगतान
- वैकल्पिक रूप से, कंपनी वाहन की मरम्मत कर दे या नया स्कूटर उपलब्ध कराए
ईवी कंपनियों के लिए सबक:-
राजस्थान में तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रिक वाहनों के बीच यह फैसला कंपनियों के लिए चेतावनी है। आयोग ने स्पष्ट किया कि ग्राहकों की सुरक्षा और संतुष्टि के साथ समझौता नहीं किया जा सकता।
उपभोक्ताओं के लिए संदेश:-
मुकेश बिस्सा की यह जीत जैसलमेर ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान के उपभोक्ताओं के लिए एक संदेश है। अगर आप भी किसी खराब प्रोडक्ट या खराब सर्विस से परेशान हैं, तो ‘कन्ज्यूमर कोर्ट’ आपके अधिकारों की रक्षा के लिए तैयार है। यह मामला साबित करता है कि बिल और दस्तावेज सही हों, तो न्याय जरूर मिलता है।