ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव: होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का बड़ा फैसला, जहाजों पर टोल लगाने की तैयारी; पढ़े पूरी खबर

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ईरान पर अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई का आज 32वां दिन है, लेकिन हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं और संघर्ष थमने के संकेत नजर नहीं आ रहे। इसी बीच ईरान की संसदीय सुरक्षा समिति ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज मैनेजमेंट प्लान’ को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने का प्रस्ताव शामिल है।

ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस योजना में कई सख्त प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से ईरान की मुद्रा ‘रियाल’ में टोल वसूला जाएगा। साथ ही अमेरिकी और इजरायली जहाजों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाने का प्रावधान है। इसके अलावा उन देशों के जहाजों को भी अनुमति नहीं दी जाएगी, जो ईरान पर लगाए गए एकतरफा प्रतिबंधों का समर्थन कर रहे हैं।

वैश्विक स्तर पर बढ़ी चिंता:-

ईरान के इस फैसले को लेकर अमेरिका और इजरायल ही नहीं, बल्कि अन्य देशों में भी चिंता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि यह कदम होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की पकड़ मजबूत करने की दिशा में उठाया गया बड़ा संकेत है।

अमेरिका की कड़ी प्रतिक्रिया:-

इससे पहले होर्मुज स्ट्रेट के मुद्दे पर अमेरिका ने सख्त रुख अपनाया था। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा था कि अमेरिका जल्द ही इस रणनीतिक मार्ग पर नियंत्रण बहाल करेगा, ताकि समुद्री आवागमन की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने संकेत दिए थे कि इसके लिए अमेरिकी या बहुराष्ट्रीय सैन्य एस्कॉर्ट की तैनाती की जा सकती है।

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर ईरान को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत व्यापार के लिए नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों, तेल के कुओं और खार्ग द्वीप को निशाना बना सकता है।

होर्मुज स्ट्रेट खोलने में चुनौती:-

अब तक अमेरिका इस अहम जलमार्ग को पूरी तरह खोलने में सफल नहीं हो पाया है। इसके कारण कई देशों में ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है और तेल-गैस की कीमतों में तेजी देखी जा रही है।

हालांकि संयुक्त राष्ट्र महासचिव की अपील के बाद ईरान ने भारत, चीन, रूस और पाकिस्तान समेत कुछ देशों के जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की सीमित अनुमति दी है।