Holi 2026: राजस्थान में कब मनाई जाएगी धुलंडी—3 या 4 मार्च? जानें होली खेलने का सही समय और तारीख
Holi 2026: राजस्थान में कब मनाई जाएगी धुलंडी—3 या 4 मार्च? जानें होली खेलने का सही समय और तारीख
Holi 2026: फाल्गुन पूर्णिमा का पर्व होली इस बार एक खास खगोलीय संयोग के साथ मनाया जाएगा। देश के कुछ हिस्सों में 3 और 4 मार्च को होली मनाए जाने की चर्चा है, लेकिन राजस्थान में प्रचलित पंचांग के अनुसार तिथियों का निर्धारण स्पष्ट कर दिया गया है।
किस दिन होगा होलिका दहन:-
पंडित रवि शर्मा के अनुसार, होलिका दहन फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा के प्रदोष काल में, भद्रा रहित वेला में करना शास्त्रसम्मत माना गया है।
इस वर्ष फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी 2 मार्च 2026, सोमवार को शाम 5:56 बजे पूर्णिमा में प्रवेश करेगी, जो 3 मार्च 2026, मंगलवार को शाम 5:08 बजे तक रहेगी।
प्रदोष काल में पूर्णिमा 2 मार्च को ही होने के कारण होलिका दहन 2 मार्च 2026, सोमवार को किया जाएगा। हालांकि इस दिन भद्रा सायं 5 बजकर 56 मिनट से अन्तरात्रि 5 बजकर 32 मिनट तक है। होलिका पर्व में यदि भद्रा निशीथ (अर्द्धरात्रि) को पार करके उषाकाल तक पहुंच जाती है तो भद्रा युक्त प्रदोष काल में होलिका दहन करना चाहिए।
धुलंडी कब मनाई जाएगी?
होलिका दहन के अगले दिन यानी 3 मार्च 2026, मंगलवार को धुलंडी (रंगोत्सव) मनाई जाएगी। इस दिन चन्द्रग्रहण का सूतक सुबह 6:20 बजे से प्रारंभ होगा, जो ग्रहण से 9 घंटे पूर्व माना जाता है। चूंकि धुलंडी केवल रंग खेलने का उत्सव है, इसलिए इसमें सूतक का कोई दोष नहीं माना जाता।
चन्द्रग्रहण का समय:-
चन्द्रग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शाम 6:48 बजे तक रहेगा। ग्रहण मोक्ष 6:48 बजे होगा। इसके बाद स्नानादि कर धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं। इसलिए रंगोत्सव ग्रहण शुरू होने से पहले मनाना शुभ माना गया है।
क्या ग्रहण में होली खेलने से दोष लगता है?
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार धुलंडी पर कोई वैदिक पूजन नहीं होता, इसलिए सूतक का प्रभाव इस उत्सव पर लागू नहीं होता। यह केवल हर्षोल्लास और रंगों का पर्व है।
अद्भुत खगोलीय संयोग:-
जब पृथ्वी, सूर्य और चन्द्रमा के बीच आकर चन्द्रमा को ढक देती है, तब चन्द्रग्रहण होता है। यदि चन्द्रमा का कुछ भाग ढकता है तो उसे खण्डग्रास और पूरा ढकने पर खग्रास चन्द्रग्रहण कहा जाता है।