Khatu Shyam Mela 2026: श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी, दर्शन हुए आसान…11 हजार डमरू और चीन-न्यूजीलैंड के फूलों से महका खाटू धाम
Khatu Shyam Mela 2026: श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी, दर्शन हुए आसान…11 हजार डमरू और चीन-न्यूजीलैंड के फूलों से महका खाटू धाम
Khatu Shyam Mela 2026: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू धाम इन दिनों “जय श्री श्याम” के जयकारों से गूंज रहा है। विश्व प्रसिद्ध लक्खी फाल्गुन मेले का आगाज हो चुका है, जहां आस्था और आधुनिक व्यवस्थाओं का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।

इस वर्ष मेला 21 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है। शुरुआती दो दिनों में ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। पहले दिन करीब 2.5 लाख भक्तों ने दर्शन किए, जबकि दूसरे दिन यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 4 लाख तक पहुंच गया। प्रशासन का अनुमान है कि आठ दिवसीय मेले में 30 से 35 लाख श्रद्धालु बाबा के दरबार में हाजिरी लगाएंगे। भीड़ को ध्यान में रखते हुए अंतिम तीन दिनों में मंदिर 72 घंटे लगातार खुला रखने का निर्णय लिया गया है।

‘शीश के दानी’ थीम पर सजा दरबार
इस बार मंदिर की सजावट “शीश के दानी” (बर्बरीक कथा) थीम पर आधारित है। कोलकाता के साथ-साथ चीन और न्यूजीलैंड से मंगाए गए हाइड्रेंजिया, लिली और ऑर्किड जैसे विदेशी फूलों से दरबार को सजाया गया है। 150 से अधिक कारीगरों ने दिन-रात मेहनत कर मंदिर परिसर को भव्य रूप दिया है।

शिवलोक का अहसास:-
मंदिर परिसर को 11,000 डमरुओं से सजाया गया है। प्रवेश द्वार पर 20 फीट ऊंचा विशाल डमरू और हाथी का शिरोभाग श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। विशेष रूप से बनाए गए एक गेट पर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन एक साथ कराए जा रहे हैं। मुख्य मार्ग पर गुजरात के 2000 रंगीन छाते, मोरपंखी डिजाइन और फूलों की झालरें माहौल को और भी आकर्षक बना रही हैं।

तकनीक और सुरक्षा का मजबूत इंतजाम:-
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए “श्याम सारथी” ऐप लॉन्च किया गया है, जिससे दर्शन के अनुमानित समय और पार्किंग की रियल-टाइम जानकारी मिल रही है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 4,400 पुलिसकर्मी, 1,000 होमगार्ड और 400 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।

रींगस से खाटू तक पदयात्रियों के लिए 17 किलोमीटर लंबा सुरक्षित कॉरिडोर बनाया गया है, जहां वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। 25,000 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग तैयार की गई है और वहां से मंदिर तक 25 रुपये में ई-रिक्शा सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

केसरिया सैलाब में डूबी श्रद्धा:-
रींगस से खाटू तक के मार्ग पर केसरिया ध्वज लिए हजारों पदयात्री बाबा के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा प्रकट कर रहे हैं। जगह-जगह विश्राम स्थल, पेयजल और रोशनी की विशेष व्यवस्था की गई है। पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा है और हर ओर एक ही स्वर गूंज रहा है—
“हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा!”
