Rajasthan Budget 2026: क्या सस्ता और क्या महंगा? स्टांप ड्यूटी बढ़ने से महंगी हुई जमीन, लोन रजिस्ट्रेशन शुल्क हुआ आधा; देखें पूरी लिस्ट
Rajasthan Budget 2026: क्या सस्ता और क्या महंगा? स्टांप ड्यूटी बढ़ने से महंगी हुई जमीन, लोन रजिस्ट्रेशन शुल्क हुआ आधा; देखें पूरी लिस्ट
Rajasthan Budget 2026: राजस्थान की उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का पूर्ण बजट पेश किया। करीब 2 घंटे 54 मिनट के भाषण में सरकार ने सीमित संसाधनों के बीच अधिकतम राहत देने की रणनीति पेश की। हालांकि रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी सेक्टर से जुड़े फैसलों ने आम लोगों की लागत बढ़ा दी है।
सरकार ने राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से अचल संपत्तियों की रजिस्ट्री पर लगने वाला सरचार्ज 3% बढ़ा दिया है, जिससे स्टांप ड्यूटी का बोझ बढ़ेगा। साथ ही पूरे प्रदेश में डीएलसी (District Level Committee) दरों को तर्कसंगत बनाकर एक समान लागू करने का निर्णय लिया गया है। इन फैसलों के बाद जमीन और मकान की रजिस्ट्री पहले की तुलना में महंगी होगी।
फार्म हाउस और रिसोर्ट की जमीन खरीदने वालों को बड़ा झटका:-
कृषि भूमि के मूल्यांकन में भी बदलाव किया गया है। पहले जहां कृषि भूमि का मूल्य 1.5 गुना माना जाता था, अब इसे 3 गुना कर दिया गया है। वहीं पूर्व में लागू दो गुना दर की जगह अब कमर्शियल रेट का 75% लागू किया जाएगा। इससे फार्म हाउस और रिसोर्ट परियोजनाओं में निवेश करने वालों की लागत बढ़ेगी।
कर्ज लेने वालों को राहत, रजिस्ट्रेशन शुल्क आधा:-
दूसरी ओर, बैंक से कर्ज लेने वालों को राहत दी गई है। लोन दस्तावेजों के रजिस्ट्रेशन शुल्क को 1% से घटाकर 0.5% कर दिया गया है, जिसकी अधिकतम सीमा 1 लाख रुपये तय की गई है। स्टांप ड्यूटी भी 0.25% से घटाकर 0.125% कर दी गई है। इसकी अधिकतम सीमा 15 लाख रुपये से घटाकर 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है।
वाहनों पर टैक्स में छूट:-
परिवहन क्षेत्र में दूसरे राज्यों से निजी वाहन राजस्थान में रजिस्टर कराने पर मोटर व्हीकल टैक्स में दी जाने वाली छूट 25% से बढ़ाकर 50% कर दी गई है, जिससे वाहन मालिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
अन्य प्रमुख घोषणाएं:-
- सरकारी कर्मचारियों के कल्याण और कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर।
- स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और हर घर जल योजना के लिए अतिरिक्त प्रावधान।
- स्कूली बच्चों के लिए ‘जादुई पिटारा’ और खेल किट वितरण की योजना।
राजनीतिक चतुराई का बजट:-
विशेषज्ञों के अनुसार बजट में वित्तीय अनुशासन और लोकहितकारी घोषणाओं के बीच संतुलन बनाने का प्रयास दिखता है। सरकार ने ऐसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है जहां प्रशासनिक सुधारों से सीधा लाभ मिले, साथ ही राजस्व संग्रह भी मजबूत हो।