राजस्थान: इस जगह गोवंश से क्रूरता का सनसनीखेज मामला, बछड़े का कटा सिर मिलने से आक्रोश, थाने के बाहर धरने पर बैठे बजरंग दल के कार्यकर्ता

post 152

राजस्थान: इस जगह गोवंश से क्रूरता का सनसनीखेज मामला, बछड़े का कटा सिर मिलने से आक्रोश, थाने के बाहर धरने पर बैठे बजरंग दल के कार्यकर्ता

कोटा शहर के कुन्हाड़ी इलाके में गोवंश के साथ क्रूरता का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। रविवार रात क्षेत्र में गाय के बछड़े का कटा हुआ सिर मिलने से इलाके में तनाव और आक्रोश फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कुन्हाड़ी थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। यह धरना रविवार रात से लगातार जारी है।

सूचना के बाद भी नहीं हुई त्वरित कार्रवाई

बजरंग दल नगर महानगर सह संयोजक नरेश मीणा ने बताया कि रविवार रात करीब 8 बजे कुन्हाड़ी क्षेत्र में बछड़े का कटा सिर मिला। इसकी जानकारी तुरंत पुलिस के 112 नंबर पर दी गई, लेकिन काफी समय तक कोई पुलिस कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस की इस लापरवाही से नाराज कार्यकर्ता करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर बछड़े के अवशेष थाने लेकर पहुंचे। उन्होंने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर आरोपियों की पहचान करने की मांग की।

धरने के दौरान बढ़ा तनाव:-

कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया। धरने के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय संगठन से जुड़े कुछ लोगों की बाइक जब्त कर ली और पांच कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। रात करीब तीन बजे पुलिस ने धरनास्थल से कार्यकर्ताओं को जबरन हटा दिया।

सोमवार सुबह दोबारा प्रदर्शन:-

पुलिस कार्रवाई के विरोध में सोमवार सुबह बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता फिर से कुन्हाड़ी थाने के बाहर एकत्र हो गए। कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से हनुमान चालीसा का पाठ किया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई। उनका कहना है कि 12 घंटे से अधिक समय तक धरना जारी रहा।

10 दिनों में तीसरी घटना:-

बजरंग दल के प्रांत संयोजक योगेश रेनवाल ने बताया कि कोटा शहर में पिछले 10 दिनों के भीतर गोवंश से क्रूरता की यह तीसरी घटना है। उन्होंने इसे सुनियोजित साजिश करार देते हुए कहा कि कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर शहर का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं। रेनवाल ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि जब तक आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।