जयपुर हवेली खजाना: 15 सोने के कलश और हजारों सिक्कों का रहस्य बरकरार, पुलिस को मिलीं सिर्फ चांदी की दो सिल्लियां

जयपुर हवेली खजाना: 15 सोने के कलश और हजारों सिक्कों का रहस्य बरकरार, पुलिस को मिलीं सिर्फ चांदी की दो सिल्लियां
Jaipur Haveli Treasure: जयपुर के ऐतिहासिक त्रिपोलिया बाजार स्थित पुरानी हवेली से कथित खजाना मिलने का मामला लगातार रहस्य गहराता जा रहा है। हवेली मालिक की ओर से किए गए दावों में भारी मात्रा में चांदी की सिल्लियां, हजारों चांदी के सिक्के और सोने के सिक्कों से भरे कलश मिलने की बात कही गई थी। लेकिन पुलिस की अब तक की कार्रवाई में केवल 66.4 किलो वजन की चांदी की दो सिल्लियां बरामद हुई हैं। वहीं करीब 1500 चांदी के सिक्के बेचने की बात पूछताछ में सामने आई है।
सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है कि रिपोर्ट में बताए गए सोने के कलश और सोने के सिक्के आखिर कहां हैं? पुलिस इन दावों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
हवेली तोड़ते समय खजाना मिलने का दावा
मामला जयपुर के त्रिपोलिया बाजार की पुरानी हवेली से जुड़ा है। हवेली मालिक राहुल सेठी की ओर से पुलिस को दी गई रिपोर्ट में दावा किया गया कि हवेली को ध्वस्त करने के दौरान जमीन अथवा निर्माण के मलबे के बीच पुराना खजाना मिला था।
रिपोर्ट के मुताबिक, मौके से 10 से 15 चांदी की सिल्लियां, करीब 8 से 10 हजार चांदी के सिक्के और 14 से 15 सोने के सिक्कों से भरे सोने के कलश मिलने का दावा किया गया। इसके बाद हवेली को गिराने के काम में लगे ठेकेदार और उसके साथियों पर कथित तौर पर खजाना आपस में बांटने और उसे इधर-उधर करने के आरोप लगाए गए।
हवेली को ध्वस्त करने का काम डिवाइन-1 एलएलपी के माध्यम से महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू को दिया गया था।
पुलिस ने अब तक क्या बरामद किया?
मामले में पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के बाद चांदी की दो सिल्लियां बरामद की हैं, जिनका कुल वजन 66.4 किलो बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, इन सिल्लियों को आरोपियों ने आगरा रोड पर दुर्गा माता मंदिर के पीछे जंगल में एक पेड़ के नीचे गड्ढा खोदकर छिपाया था। बरामदगी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित खजाने का बाकी हिस्सा कहां गया।
इस मामले में अब तक पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
करीब 1500 चांदी के सिक्के बेचने की बात सामने आई
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चांदी के सिक्के मिलने और उनमें से कुछ को बेचने की बात स्वीकार की है। सामने आई जानकारी के अनुसार करीब 1500 चांदी के सिक्के अलग-अलग लोगों को बेचे गए।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि जगदीश राजोरिया और ओमप्रकाश खींची उर्फ पप्पू के हिस्से में आए करीब 600 चांदी के सिक्के लगभग 6 लाख रुपए में एक व्यक्ति को बेचे गए।
वहीं करीब 900 चांदी के सिक्के लगभग 10 लाख रुपए में आगरा रोड स्थित राजू सुनार को बेचे जाने की बात सामने आई है।
पुलिस अब उन लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, जिन्होंने ये सिक्के खरीदे। इसके साथ ही सिक्कों की बरामदगी और उनकी वास्तविक संख्या की भी जांच की जा रही है।
सोने के कलश और सिक्कों पर सबसे बड़ा सवाल
मामले में सबसे रहस्यमयी पहलू सोने से जुड़ा हुआ है। हवेली मालिक की रिपोर्ट में 14 से 15 सोने के सिक्कों से भरे कलश मिलने का दावा किया गया था। लेकिन पुलिस की अब तक की बरामदगी में सोने के कलश या सोने के सिक्के सामने नहीं आए हैं।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने चांदी के सिक्कों से जुड़ी जानकारी तो दी है, लेकिन सोने के कलश और सोने के सिक्कों के संबंध में आरोपों से इनकार किया है।
ऐसे में पुलिस के सामने कई सवाल हैं—क्या वास्तव में हवेली से सोने का खजाना निकला था? यदि निकला था तो उसे किसने अपने कब्जे में लिया? क्या सोना किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंचाया गया या उसे कहीं छिपाया गया? इन सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच से ही सामने आएंगे।
कितनी संपत्ति बरामद, कितनी अभी गायब?
| कथित खजाना | अब तक सामने आई स्थिति |
|---|---|
| चांदी की सिल्लियां | 10-15 मिलने का दावा, 2 बरामद |
| बरामद चांदी | 66.4 किलो |
| चांदी के सिक्के | 8-10 हजार मिलने का दावा |
| बेचे गए चांदी के सिक्के | करीब 1500 |
| सोने के कलश | 14-15 होने का दावा, अब तक बरामद नहीं |
| सोने के सिक्के | दावे में शामिल, अब तक सुराग नहीं |
| गिरफ्तारियां | 5 |
जांच का दायरा अब और बढ़ेगा
चांदी की सिल्लियों की बरामदगी और सिक्कों की बिक्री का खुलासा होने के बाद पुलिस की जांच अब कथित खजाने के बाकी हिस्से तक पहुंचने पर केंद्रित है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के साथ उन लोगों की भूमिका भी जांच सकती है, जिनके पास चांदी के सिक्के बेचे जाने की बात सामने आई है।
वहीं सोने के संबंध में किए गए दावों की पुष्टि करना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। जब तक सोने के कलश या सिक्के बरामद नहीं होते, तब तक इस पूरे दावे का सच पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकेगा।
खजाने की कहानी में अभी कई सवाल बाकी
त्रिपोलिया बाजार की पुरानी हवेली से जुड़े इस मामले में फिलहाल पुलिस के हाथ चांदी की दो सिल्लियां और सिक्कों की बिक्री से जुड़ी अहम जानकारी लगी है। लेकिन रिपोर्ट में बताए गए बड़े खजाने की तुलना में बरामदगी काफी कम है।
चांदी की सिल्लियां कहां-कहां गईं, हजारों सिक्कों का बाकी हिस्सा कहां है और सबसे अहम—सोने के कलश वास्तव में मिले थे या नहीं? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे।