राजस्थान में 988 पूर्व संविदा नर्सों की होगी दोबारा नियुक्ति, वित्त विभाग की मंजूरी से सरकारी अस्पतालों को मिलेगी बड़ी राहत

राजस्थान सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। वित्त विभाग ने राज्यभर में रिक्त पड़े 988 नर्स ग्रेड-द्वितीय (पूर्व संविदा नर्स) पदों पर जॉब बेसिस पर पुनर्नियुक्ति की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है। इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी और अस्पतालों में लंबे समय से चल रही नर्सिंग स्टाफ की कमी काफी हद तक दूर होगी।
जयपुर। Rkhabar
राजस्थान के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में लंबे समय से बनी नर्सिंग स्टाफ की कमी अब जल्द दूर होने जा रही है। राज्य सरकार के वित्त विभाग ने मेडिकल कॉलेजों में पहले कार्यरत रही 988 पूर्व संविदा नर्सों की जॉब बेसिस पर पुनर्नियुक्ति को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संबंध में सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों को रिक्त पदों के अनुसार पूर्व संविदा नर्सों की शीघ्र नियुक्ति करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब राजस्थान कॉन्ट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स के तहत चयनित अभ्यर्थियों के कार्यग्रहण के बाद कई अस्पतालों में बड़ी संख्या में नर्सिंग पद रिक्त हो गए थे। इन रिक्तियों के कारण अस्पतालों में कार्यरत नर्सों पर मरीजों का अत्यधिक दबाव बढ़ गया था, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही थीं।
मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ
पूर्व संविदा नर्सों की नियुक्ति के बाद अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। वार्डों, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर, ट्रॉमा सेंटर, लेबर रूम और आपातकालीन सेवाओं में पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध होने से मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
नर्सिंग स्टाफ बढ़ने से मरीजों को समय पर दवा वितरण, इंजेक्शन, ड्रेसिंग, ऑपरेशन के बाद देखभाल, प्रसूति सेवाएं और नियमित स्वास्थ्य निगरानी बेहतर तरीके से उपलब्ध कराई जा सकेगी। इसके साथ ही संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था मजबूत होगी और भर्ती मरीजों की देखरेख की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
कार्यरत नर्सों का कार्यभार होगा कम
पिछले कुछ समय से स्टाफ की कमी के कारण एक-एक नर्स को कई मरीजों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही थी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी। अब नई नियुक्तियों के बाद नर्सों पर कार्यभार कम होगा, जिससे वे प्रत्येक मरीज को अधिक समय और बेहतर देखभाल दे सकेंगी।
अतिरिक्त निदेशक ने जारी किए आदेश
राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी के अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) सुरेश नवल ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों को रिक्त पदों के अनुसार पूर्व संविदा नर्सों की जल्द से जल्द नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इन मेडिकल कॉलेजों में होंगे नियुक्ति के अवसर
राज्यभर के मेडिकल कॉलेजों में रिक्त पदों का विवरण इस प्रकार है—
- एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर – 185 पद
- डूंगरपुर – 100 पद
- जोधपुर – 84 पद
- बीकानेर – 84 पद
- बाड़मेर – 73 पद
- अजमेर – 62 पद
- सीकर – 49 पद
- चूरू – 46 पद
- उदयपुर – 41 पद
- कोटा – 35 पद
- भीलवाड़ा – 35 पद
- झालावाड़ – 35 पद
- भरतपुर – 35 पद
- पाली – 30 पद
- हनुमानगढ़ – 23 पद
- सिरोही – 22 पद
- बूंदी – 11 पद
- नागौर – 5 पद
- चित्तौड़गढ़ – 3 पद
- धौलपुर – 2 पद
कर्मचारी महासंघ ने जताया स्वागत
अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ (एकीकृत) के जिला अध्यक्ष राजेश कुमार बाटड़ ने कहा कि सभी मेडिकल कॉलेजों में रिक्त पदों की सूची जारी कर दी गई है और संबंधित प्राचार्यों को पूर्व संविदा नर्सों की शीघ्र नियुक्ति के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इससे अस्पतालों में नर्सिंग सेवाओं में सुधार होगा और मरीजों को बेहतर उपचार सुविधा मिल सकेगी।
राज्य सरकार के इस निर्णय से न केवल पूर्व संविदा नर्सों को रोजगार का अवसर मिलेगा, बल्कि सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों की देखभाल अधिक प्रभावी होगी और अस्पतालों में लंबित कार्यों का बोझ भी कम होगा।