जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP की अगली रणनीति पर मंथन आज, संगठन विस्तार और भविष्य की कार्ययोजना पर होगी चर्चा

नई दिल्ली | RKhabar.com
जंतर-मंतर पर हुए चर्चित प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब अपनी आगामी रणनीति तय करने की तैयारी में है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया कि बुधवार को संगठन की अहम बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें हाल ही में हुए प्रदर्शन की समीक्षा, संगठन के विस्तार और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा होगी। हालांकि उन्होंने साफ किया कि फिलहाल CJP को राजनीतिक दल में बदलने का कोई प्रस्ताव या योजना नहीं है।
प्रदर्शन की समीक्षा से होगी बैठक की शुरुआत
अभिजीत दीपके ने बताया कि बैठक का पहला एजेंडा जंतर-मंतर पर आयोजित आंदोलन की समीक्षा होगा। इसमें यह आकलन किया जाएगा कि प्रदर्शन किन मामलों में सफल रहा और भविष्य में ऐसे आंदोलनों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए क्या सुधार किए जा सकते हैं। इसके लिए विभिन्न राज्यों से जुड़े कार्यकर्ताओं और प्रतिभागियों के सुझाव भी लिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल आंदोलन करना नहीं, बल्कि युवाओं और आम लोगों की समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना है। इसलिए भविष्य की रणनीति भी व्यापक विचार-विमर्श के बाद तय की जाएगी।
देशभर में संगठन विस्तार पर रहेगा फोकस
दीपके के अनुसार, बैठक में CJP की राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक मजबूती पर भी चर्चा होगी। विभिन्न राज्यों में नई टीमों के गठन, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों के निर्धारण और संगठन की पहुंच बढ़ाने को लेकर रोडमैप तैयार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आंदोलन के बाद बड़ी संख्या में युवाओं ने संगठन से जुड़ने में रुचि दिखाई है, जिसे व्यवस्थित रूप देने के लिए नई कार्ययोजना बनाई जाएगी।
राजनीतिक दल बनने की अटकलों पर विराम
हाल के दिनों में CJP के राजनीतिक दल बनने की चर्चाओं पर अभिजीत दीपके ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संगठन के भीतर इस विषय पर कोई विचार-विमर्श नहीं चल रहा है।
उन्होंने कहा, “हम फिलहाल एक सामाजिक आंदोलन के रूप में ही कार्य करते रहेंगे। हमारा उद्देश्य व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना है, राजनीति में प्रवेश करना नहीं।”
मोहन भागवत की टिप्पणी को बताया सकारात्मक संकेत
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा युवाओं और Gen-Z से संवाद की आवश्यकता संबंधी कथित टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपके ने इसे सकारात्मक शुरुआत बताया।
उन्होंने कहा कि युवाओं के आंदोलन ने देश के वरिष्ठ नेताओं को नई पीढ़ी के मुद्दों पर बात करने के लिए प्रेरित किया है। हालांकि उनका मानना है कि युवाओं से प्रभावी संवाद के लिए युवा, शिक्षित और आधुनिक सोच वाले चेहरों को आगे लाया जाना चाहिए, क्योंकि नई पीढ़ी उनसे बेहतर जुड़ाव महसूस करती है।
संवाद से ही निकलेगा समाधान
केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल के संवाद संबंधी बयान से सहमति जताते हुए दीपके ने कहा कि समस्याओं का समाधान केवल बातचीत से ही संभव है।
उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन का उद्देश्य भी सरकार से संवाद स्थापित करना था। उनके अनुसार, बातचीत शुरू होने के बाद समाधान की दिशा में प्रगति हुई और संबंधित घटनाक्रम आगे बढ़ा।
RSS नेता अतुल लिमये ने की ‘केस स्टडी’ की बात
इस बीच आरएसएस नेता अतुल लिमये ने CJP आंदोलन को अध्ययन का विषय बताते हुए कहा कि इसकी कार्यप्रणाली, समय-रेखा, सोशल मीडिया रणनीति और समर्थन तंत्र का गंभीर अध्ययन किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान कुछ विदेशी और राजनीतिक तत्व भी सक्रिय हुए तथा मंच से हिंदू विरोधी और राष्ट्रविरोधी नारे लगाए गए। लिमये ने कहा कि ऐसे आंदोलनों की पूरी पृष्ठभूमि और संचालन प्रणाली को समझना आवश्यक है।
आज की बैठक पर टिकी निगाहें
CJP की आज होने वाली बैठक को संगठन के भविष्य की दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक में आंदोलन की समीक्षा, संगठन विस्तार, आगामी अभियानों और राष्ट्रीय स्तर की रणनीति पर फैसला लिया जा सकता है। हालांकि संगठन ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वर्तमान में उसका फोकस सामाजिक आंदोलन को मजबूत करने पर है, न कि राजनीतिक दल बनने पर।