जयपुर-दिल्ली हाईवे पर टोल बूथ हुए बंद, अब बिना रुके कटेगा टोल; जानिए MLFF सिस्टम के नए नियम और यात्रियों को होने वाले फायदे

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जयपुर-दिल्ली हाईवे पर टोल बूथ हुए बंद, अब बिना रुके कटेगा टोल; जानिए MLFF सिस्टम के नए नियम और यात्रियों को होने वाले फायदे, AI फोटो

जयपुर/नई दिल्ली | Rkhabar

दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (NH-48) पर सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बन गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने गुरुग्राम से जयपुर के बीच करीब 270 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को पूरी तरह बैरियर-फ्री मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम में बदल दिया है। इसके साथ ही राजस्थान-हरियाणा सीमा पर स्थित शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर भी पारंपरिक टोल वसूली व्यवस्था समाप्त हो गई है।

अब वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने या लंबी कतारों में इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। वाहन सामान्य गति से हाईवे पर चलते हुए गेंट्री (Gantry) के नीचे से गुजरेंगे और टोल राशि उनके FASTag खाते से स्वतः कट जाएगी। इससे यात्रा का समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी और ट्रैफिक जाम व प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है।

कैसे काम करेगा नया MLFF सिस्टम?

नई व्यवस्था में हाईवे के ऊपर विशेष स्टील गेंट्री लगाए गए हैं, जिन पर अत्याधुनिक RFID रीडर और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे स्थापित किए गए हैं।

जैसे ही कोई वाहन गेंट्री के नीचे से गुजरता है, सिस्टम वाहन के विंडशील्ड पर लगे FASTag और नंबर प्लेट को कुछ ही सेकंड में स्कैन कर लेता है। इसके बाद निर्धारित टोल राशि वाहन के FASTag से लिंक बैंक खाते से स्वतः कट जाती है और भुगतान का संदेश वाहन मालिक के मोबाइल पर पहुंच जाता है।

शाहजहांपुर बना अंतिम टोल प्लाजा

राजस्थान में मनोहरपुरा और दौलतपुर टोल प्लाजा पहले ही MLFF तकनीक से जुड़ चुके थे। अब 1 अगस्त 2026 से शाहजहांपुर टोल प्लाजा भी इस व्यवस्था में शामिल हो गया है। इसके साथ ही गुरुग्राम से जयपुर तक का पूरा कॉरिडोर बैरियर-फ्री हो गया है।

यात्रियों को मिलेंगे ये बड़े फायदे

नई व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे लंबी कतारों से राहत मिलेगी। इससे यात्रा का समय कम होगा, डीजल और पेट्रोल की खपत घटेगी तथा कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।

विशेष रूप से जयपुर, कोटपूतली, बहरोड़, नीमराणा, शाहजहांपुर और अलवर के दैनिक यात्रियों, ट्रांसपोर्टरों और व्यावसायिक वाहनों को इस व्यवस्था का सबसे अधिक लाभ मिलेगा।

FASTag में बैलेंस रखना होगा जरूरी

NHAI ने स्पष्ट किया है कि MLFF सिस्टम में यात्रा करने से पहले वाहन मालिक अपने FASTag में पर्याप्त बैलेंस अवश्य रखें।

यदि FASTag निष्क्रिय, खराब या बैलेंस रहित पाया जाता है तो सिस्टम वाहन को चिन्हित कर इलेक्ट्रॉनिक नोटिस जारी करेगा।

72 घंटे में भुगतान नहीं किया तो लगेगा दोगुना शुल्क

यदि नोटिस मिलने के बाद 72 घंटे के भीतर बकाया टोल राशि जमा नहीं की जाती है, तो वाहन मालिक पर दोगुना टोल शुल्क (Double Penalty) लगाया जाएगा।

यदि FASTag काम नहीं करता है तो ANPR कैमरे वाहन की नंबर प्लेट पढ़कर बकाया राशि वाहन के रिकॉर्ड से जोड़ देंगे और आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

पूरे देश में लागू होगी नई व्यवस्था

आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार वर्तमान में गुजरात, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर MLFF प्रणाली लागू की जा चुकी है।

केंद्र सरकार का लक्ष्य मार्च 2029 तक देश के सभी चार लेन एवं उससे अधिक चौड़े राष्ट्रीय राजमार्गों तथा एक्सप्रेसवे को पूरी तरह बैरियर-फ्री फ्री-फ्लो टोलिंग सिस्टम में बदलना है।

प्रमुख बातें एक नजर में

  • गुरुग्राम से जयपुर तक 270 किलोमीटर हाईवे पूरी तरह बैरियर-फ्री।
  • शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर पारंपरिक टोल व्यवस्था समाप्त।
  • वाहन बिना रुके स्वतः FASTag से टोल भुगतान करेंगे।
  • RFID और ANPR तकनीक से होगी टोल वसूली।
  • टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम से मिलेगी राहत।
  • ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद।
  • FASTag में पर्याप्त बैलेंस रखना अनिवार्य।
  • बैलेंस नहीं होने पर इलेक्ट्रॉनिक नोटिस जारी होगा।
  • 72 घंटे में भुगतान नहीं करने पर दोगुना टोल शुल्क लगेगा।
  • सरकार का लक्ष्य 2029 तक पूरे देश में MLFF प्रणाली लागू करना।

Rkhabar अपील: यदि आप दिल्ली-जयपुर हाईवे पर यात्रा करने जा रहे हैं, तो सफर शुरू करने से पहले अपना FASTag सक्रिय और रिचार्ज अवश्य कर लें। नई व्यवस्था में टोल बूथ भले ही हट गए हों, लेकिन टोल भुगतान पहले की तरह अनिवार्य रहेगा।

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