वन विभाग की तोड़फोड़ कार्रवाई के विरोध में 22 को को पूगल एसडीएम कार्यालय का होगा घेराव

100409855

खाजूवाला | Rkhabar

खाजूवाला विधानसभा क्षेत्र में वन विभाग द्वारा कथित अतिक्रमण हटाने और मकानों-दुकानों को खाली करने के नोटिस जारी किए जाने के विरोध में सोमवार को जिला कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन उपखंड अधिकारी पूगल को सौंपा गया। ज्ञापन में 22 जुलाई 2026 को पूगल में विशाल पैदल मार्च निकालकर एसडीएम कार्यालय का घेराव एवं सभा आयोजित करने की घोषणा की गई है।


ज्ञापन में बताया गया कि पिछले करीब डेढ़ महीने से खाजूवाला विधानसभा क्षेत्र के 66 आरडी, सामरदा, डंडी, कंकराला, 2 पीबी, 5 पीबी, 6 पीबी, 9 केजेडी, 18 केजेडी, माधोडिग्गी सहित अनेक गांवों में वन विभाग पुलिस प्रशासन के सहयोग से कार्रवाई कर रहा है। ज्ञापन में बताया कि कई स्थानों पर मकानों और दुकानों को वन विभाग की भूमि बताते हुए चिन्हित किया गया है तथा लोगों को 22 जुलाई तक मकान खाली करने के नोटिस दिए गए हैं। इससे ग्रामीणों में भय और असंतोष का माहौल बना हुआ है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि 66 आरडी क्षेत्र में पहले ही दुकानों और मकानों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं अन्य गांवों में भी वर्षों से बसे परिवारों को बेदखल करने की तैयारी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन मकानों को हटाने की बात कही जा रही है, उनमें से कई 40 वर्ष से अधिक पुराने हैं और लोग लंबे समय से वहां निवास कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि तोड़फोड़ की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा जिन परिवारों के मकान वन भूमि में बताए जा रहे हैं, उन्हें वैकल्पिक रूप से राजस्व भूमि पर आबादी के पट्टे दिए जाएं। उनका कहना है कि जहां वर्षों से आबादी बसी हुई है, उसे नियमित किया जाए और आसपास उपलब्ध राजस्व भूमि का समुचित उपयोग किया जाए।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि जिन दुकानों और मकानों को तोड़ा गया, उनका निर्माण सामग्री भी मौके से हटाई गई। प्रभावित लोगों ने क्षतिपूर्ति, दोबारा निर्माण कराने तथा वैध पट्टे जारी करने की मांग की है। साथ ही वन विभाग और जिला प्रशासन से कार्रवाई पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो 22 जुलाई 2026 को पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल के नेतृत्व में पंचायत समिति परिसर से एसडीएम कार्यालय तक विशाल पैदल मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद एसडीएम कार्यालय के समक्ष गांधीवादी एवं शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन और सभा आयोजित की जाएगी।
ज्ञापन में प्रशासन से अपील की गई है कि आंदोलन से पहले वार्ता कर समाधान निकाला जाए, ताकि क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन मांगें पूरी नहीं होने पर आगे आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

You may have missed