चेक बाउंस के दो मामलों में अदालत सख्त, एक आरोपी को 10 माह तो दूसरे को 4 माह की जेल

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चेक बाउंस के दो मामलों में अदालत सख्त, एक आरोपी को 10 माह तो दूसरे को 4 माह की जेल

बीकानेर की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत का फैसला, दोनों आरोपियों पर लाखों रुपये का जुर्माना भी लगाया

बीकानेर | RKhabar.com

बीकानेर की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने चेक अनादरण (चेक बाउंस) के दो अलग-अलग मामलों में आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वित्तीय लेन-देन में चेक का अनादरण गंभीर अपराध है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पहले मामले में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी मयंक कुमार करनाणी को परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट) की धारा 138 के तहत दोषी मानते हुए 4 माह के साधारण कारावास और 3.50 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत के अनुसार आरोपी ने वर्ष 2016 में परिवादी अरुण गुप्ता से 2.10 लाख रुपये उधार लिए थे, जिसके भुगतान के लिए दिया गया चेक बैंक से अनादरित हो गया। न्यायालय ने जुर्माने की राशि परिवादी को प्रतिकर (क्षतिपूर्ति) के रूप में देने का आदेश भी दिया है। साथ ही, जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को 21 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

वहीं, चेक अनादरण के 12 वर्ष पुराने दूसरे मामले में विशेष अदालत के न्यायाधीश ललित कुमार ने गोगागेट निवासी सुशील कुमार को दोषी करार देते हुए 10 माह के कारावास और 18 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इस मामले में आरोपी और परिवादी नवरतन आपस में रिश्तेदार बताए गए हैं।

दोनों मामलों में अदालत के फैसले को चेक बाउंस के मामलों में एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है कि वित्तीय दायित्वों से बचने वालों के खिलाफ कानून सख्ती से कार्रवाई करेगा।