ट्रंप-नेतन्याहू रिश्तों में बढ़ी तल्खी? अमेरिकी दौरा रद्द होने से अटकलें तेज, मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव

अंतरराष्ट्रीय | RKhabar
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का प्रस्तावित अमेरिका दौरा अचानक रद्द होने के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार नेतन्याहू अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अमेरिका जाने वाले थे, लेकिन अंतिम समय में उनका दौरा रद्द कर दिया गया। हालांकि इस फैसले के पीछे की आधिकारिक वजह अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
दौरा रद्द होने का समय इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मध्य पूर्व में सुरक्षा हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। इजराइल, लेबनान और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों के बीच अमेरिका और इजराइल के रिश्तों को लेकर भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच कुछ रणनीतिक मुद्दों पर मतभेद खुलकर सामने आए हैं।
ट्रंप से मुलाकात की थी चर्चा
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नेतन्याहू अमेरिका दौरे के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करना चाहते थे। हालांकि दोनों नेताओं की औपचारिक बैठक तय थी या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। पिछले कुछ समय से लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजराइली सैन्य कार्रवाई को लेकर ट्रंप और नेतन्याहू के बीच अलग-अलग राय सामने आने की खबरें आती रही हैं।
लेबनान और हिज्बुल्लाह को लेकर मतभेद
ईरान पहले ही कह चुका है कि समझौतों के तहत इजराइल को लेबनान में युद्धविराम का पालन करना चाहिए। हाल ही में रोम में अमेरिका की मध्यस्थता में इजराइल और लेबनान के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता भी हुई थी। इसके बावजूद हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजराइली सैन्य अभियान को सीमित करने को लेकर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन सकी। यही मुद्दा अमेरिका और इजराइल के बीच मतभेद का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
अमेरिका में इजराइल के प्रभाव पर उठे सवाल
हाल ही में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप और तुर्की के राष्ट्रपति की मुलाकात के बाद इजराइली मीडिया में अमेरिका की बदलती रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि वॉशिंगटन की प्राथमिकताओं में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार ट्रंप ने इजराइल से सीरिया और दक्षिणी लेबनान से सेना हटाने का भी आग्रह किया था, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक मतभेद और स्पष्ट हुए।
ईरान को लेकर बढ़ी अटकलें
नेतन्याहू का अमेरिकी दौरा रद्द होने के बाद कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया है कि क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो सकती हैं। हालांकि इजराइल या अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ किसी बड़े सैन्य अभियान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात पर नजर रखना जरूरी है और किसी भी संभावित कार्रवाई को लेकर अभी निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल नेतन्याहू के दौरे के रद्द होने की वास्तविक वजह को लेकर इजराइल सरकार की ओर से कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में ट्रंप और नेतन्याहू के रिश्तों में खटास, क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और संभावित सैन्य रणनीति को लेकर तमाम अटकलें लगाई जा रही हैं। आने वाले दिनों में दोनों देशों के आधिकारिक रुख के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।