चांदी के कड़ों के लिए भतीजे ने की ताई की हत्या; पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

जयपुर। शिवदासपुरा थाना क्षेत्र में बल्लूपुरा निवासी 53 वर्षीय बीना देवी बैरवा की हत्या के मामले का पुलिस ने सोमवार को खुलासा करते हुए मृतका के भतीजे और उसके साले को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि महिला की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके देवर के पुत्र सूरज बैरवा (24) ने चांदी के कड़े और अन्य आभूषण लूटकर कर्ज चुकाने की नीयत से की थी।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने हत्या के बाद पहले शव को सुनसान स्थान पर गड्ढा खोदकर दफना दिया। बाद में पकड़े जाने के डर से अगले दिन अपने साले विनोद बैरवा (24) निवासी गड़ियों की ढाणी, कानोता की मदद से शव को बाहर निकाला और पत्थर बांधकर करीब 60 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटे गए चांदी के कड़े बरामद कर लिए हैं।
डीसीपी (दक्षिण) राजर्षि राज ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में अपनी ताई की हत्या करना स्वीकार कर लिया है। आरोपी बागवानी का काम करता है और नशे की लत के कारण उस पर करीब ढाई लाख रुपये का कर्ज हो गया था। उसे पता था कि उसकी ताई पैरों में भारी चांदी के कड़े पहनती हैं। इसी लालच में उसने हत्या की साजिश रची।
पुलिस जांच में सामने आया कि 11 जून को बीना देवी ने भतीजे से तबीयत खराब होने की बात कही और पदमपुरा जाने पर साथ ले चलने को कहा। आरोपी ने मौका भांपते हुए ताई से कहा कि उसे ढूंढ नदी क्षेत्र से हरी घास लानी है। यदि वह घास काटने में मदद कर देगी तो वह उन्हें दवाई भी दिलवा लाएगा। दोपहर करीब 12 बजे आरोपी बाइक पर ताई को ढूंढ नदी क्षेत्र में ले गया। वहां घास काटने के दौरान उसने पीछे से फावड़े से सिर पर वार कर हत्या कर दी। इसके बाद धारदार हथियार से पैरों से चांदी के कड़े निकाल लिए और कान व नाक के आभूषण भी उतार लिए।
हत्या के बाद आरोपी ने शव को घटनास्थल के पास ही दफना दिया, लेकिन रात में पुलिस कार्रवाई के डर से अगले दिन अपने साले के साथ शव को निकालकर कुएं में फेंक दिया।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के मोबाइल फोन में कई आपराधिक वीडियो और क्राइम आधारित ऑनलाइन कंटेंट देखने के प्रमाण मिले। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने पुलिस जांच से बचने और शक को भटकाने के तरीके ऐसे वीडियो देखकर सीखे थे। उसकी योजना थी कि परिवार में पहले से चल रहे आभूषणों के विवाद के कारण पुलिस का शक मृतका के बेटों पर जाएगा।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, साइबर विश्लेषण और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के आधार पर मामले का खुलासा किया। विशेष तकनीकी टीम की मदद से आरोपी की गतिविधियों का विश्लेषण किया गया, जिसके बाद उसने पूछताछ में पूरा घटनाक्रम स्वीकार कर लिया।
गौरतलब है कि मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी, मृतका के परिजनों को मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर परिजन और ग्रामीणों ने तीन दिनों तक थाने के बाहर धरना प्रदर्शन किया था।