भारत-पाक सीमा पर बड़ी कार्रवाई, पशुओं के बाड़े को खोदकर निकाली 400 ग्राम हेरोइन; पढ़े पूरी खबर

post 647 (1)

रावलामंडी। सीमावर्ती क्षेत्र में नशा तस्करों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सीआईडी (CID) की पुख्ता सूचना पर पुलिस, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और सीआईडी की संयुक्त टीम ने मंडी 365 हैड में एक घर पर दबिश देकर पशुओं के बाड़े से जमीन के नीचे दबाकर रखी गई करीब 400 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की है। मौके से 6 लाख 22 हजार 100 रुपए की संदिग्ध ड्रग मनी और एक आईफोन-16 सहित दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

एडिशनल एसपी रामेश्वर लाल ने बताया कि भारत-पाक सीमा क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत सीआईडी को सूचना मिली थी कि गांव 365 हैड निवासी कुलदीप सिंह पुत्र गुरमीत सिंह के घर पर हेरोइन छिपाकर रखी गई है। सूचना मिलते ही गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे भारी पुलिस जाब्ते और बीएसएफ के जवानों ने कुलदीप के घर को चारों तरफ से घेर लिया और सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

उन्होंने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों की टीम को देखकर कुलदीप सिंह, घर में मौजूद एक महिला तथा अन्य लोग घबरा गए। प्रारंभिक पूछताछ में कुलदीप सिंह टालमटोल करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पशुओं के बाड़े में जमीन के नीचे सामान दबा होने की जानकारी दी। इसके बाद अधिकारियों की मौजूदगी में खुदाई करवाई गई, जहां से दो स्थानों से हेरोइन के पैकेट, करीब दो लाख रुपए नकद और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए।

जांच के दौरान 16 केएनडी स्थित कुलदीप सिंह के चाचा गुरमुख सिंह के घर से भी 4 लाख 22 हजार 100 रुपए नकद बरामद किए गए। इस तरह कार्रवाई में कुल 6 लाख 22 हजार 100 रुपए की नकदी जब्त की गई। बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार देर शाम तक गांव 365 हैड और आसपास के क्षेत्रों में करीब 40 जवानों की संयुक्त टीम द्वारा सर्च ऑपरेशन जारी रहा। प्रारंभिक जांच में मामला अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़ा होने की आशंका जताई जा रही है।

जांच में यह भी सामने आया है कि कुलदीप सिंह का मामा त्रिलोक सिंह, जो 43 किलो हेरोइन बरामदगी के एक पुराने मामले में फिरोजपुर जेल में बंद है, उसका नाम भी इस नेटवर्क से जुड़ रहा है। पुलिस इस एंगल से भी गहन जांच कर रही है।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी बलवंत कुमार, एएसआई सुरेश कुमार, सूचना अधिकारी कांस्टेबल ओमप्रकाश रायका, रीडर सुरेंद्र कुमार तथा हेड कांस्टेबल राकेश कुमार मीणा, पाला राम, राकेश मीणा, विजेंदर सहित महिला पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही।