खाजूवाला में फिर दिखा तूफान का तांडव, छप्पर गिरने से 35 बकरियों की मौत, किसानों को भारी नुकसान

post 554 (1)

खाजूवाला, खाजूवाला क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन आए तेज तूफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। रविवार को आए भीषण अंधड़ और तेज हवाओं के कारण क्षेत्र में भारी तबाही मची, जिससे किसानों, पशुपालकों और व्यापारियों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

आनंदगढ़ के 11 केएलडी क्षेत्र में तूफान के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां मेघाराम मेघवाल के पशु बाड़े पर बना छप्पर अचानक गिर गया। हादसे में छप्पर के नीचे दबने से 35 बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही खाजूवाला तहसीलदार, दंतौर नायब तहसीलदार, दंतौर पुलिस तथा पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।

प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। वही सैकड़ों किसानों के खेतों में लगी हुई सोलर पैनल भी उड़ गए। तूफान का असर पूरे क्षेत्र में देखने को मिला। कई गांवों में खेतों में लगे सोलर पंप और उनसे जुड़े ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए। तेज हवाओं के कारण नहर किनारे कई पेड़ धराशायी हो गए, जिससे आवागमन भी प्रभावित हुआ। वहीं कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में कई दुकानों तथा फैक्ट्रियों के टीन शेड उड़ गए। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।

किसानों का कहना है कि हाल ही में आए तूफानों से पहले ही काफी नुकसान हो चुका था, लेकिन लगातार दूसरे दिन आए अंधड़ ने उनकी परेशानियां और बढ़ा दी हैं। पशुपालकों और किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

पूर्व सरपंच प्रतिनिधि मदनलाल पूनिया ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों और किसानों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार को विशेष राहत पैकेज घोषित करना चाहिए, ताकि प्रभावित लोगों को राहत मिल सके। प्रशासन द्वारा क्षेत्र में हुए नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है।