Rajasthan Politics: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा बोले; भाजपा के मंत्री ‘चवन्नी चोर’, राजस्थान में सरकार नहीं सर्कस है

कोटा। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर कोटा पहुंचे। इस दौरान आयोजित पत्रकार वार्ता में डोटासरा ने राज्य सरकार और मंत्रिमंडल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजस्थान में सरकार नहीं सर्कस है। डोटासरा ने भाजपा मंत्रियों को ‘चवन्नी चोर’ बताते हुए कहा कि विभागों में मंत्रियों की बात तक नहीं सुनी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अधिकारियों द्वारा काम नहीं किया जाता तो मंत्री अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज तक पर उतर आते हैं।
नीट परीक्षा में लगातार हो रहे पेपर लीक को लेकर भी डोटासरा ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 से लेकर 2026 तक लगातार नीट परीक्षा के पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं। उनका आरोप था कि सरकार ने पहले इन मामलों को स्वीकार नहीं किया, जबकि बाद में ऐसे मामले लगातार सामने आते रहे। डोटासरा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर पेपर लीक माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
जातीय जनगणना के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से इसके लिए अभियान चला रही थी। कांग्रेस के दबाव के बाद केंद्र सरकार को जातीय जनगणना की दिशा में कदम बढ़ाने पड़े, लेकिन ओबीसी वर्ग के हितों की अनदेखी की गई। उन्होंने राहुल गांधी के ‘जिसकी जितनी भागीदारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी’ के नारे को दोहराते हुए सामाजिक न्याय की बात कही। साथ ही कहा कि राजीव गांधी ने ओबीसी वर्ग को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का कार्य किया था।
वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कोटा में प्रसूताओं की मौत के मामले में राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि दवाओं की जांच रिपोर्ट 15 दिन बाद सामने आई और यदि दवाएं अमानक थीं तो यह गंभीर लापरवाही नहीं बल्कि अपराध है। जूली ने मांग की कि दोषियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में कार्रवाई की जाए। उन्होंने प्रिंसिपल की नाले में गिरने से हुई मौत और सीबीएसई कॉपी जांच विवाद को भी सरकार की विफलता बताया।
ओबीसी कांग्रेस के चेयरपर्सन अनिल जयहिंद ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि 400 सीटों का दावा करने वाली पार्टी संविधान सम्मेलन में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई और 75 की जगह 36 सीटों पर सिमट गई।
इस बीच कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ की कोटा शहर और देहात इकाई के शपथ ग्रहण समारोह में पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी भी खुलकर सामने आई। डोटासरा और जूली की मौजूदगी के बावजूद हाड़ौती क्षेत्र के कई विधायक, जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ पदाधिकारी कार्यक्रम से दूर रहे। हालांकि बूंदी जिलाध्यक्ष ने मंच साझा किया। डोटासरा ने भी स्वीकार किया कि कोटा कांग्रेस में गुटबाजी है और इसे समाप्त करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।