Crime News: यूट्यूब से सीखी एमडी बनाने की तकनीक, खेत में खोली फैक्टरी, पुलिस ने किया पर्दाफाश

जोधपुर/बाड़मेर। पश्चिमी राजस्थान को सिंथेटिक ड्रग्स का नया केंद्र बनाने की साजिश का बड़ा खुलासा हुआ है। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने बाड़मेर में एमडी ड्रग्स के कच्चे माल की बरामदगी के बाद जांच आगे बढ़ाई तो इसके तार जोधपुर ग्रामीण के कापरड़ा थाना क्षेत्र के रामड़ावास कल्ला गांव तक जा पहुंचे। यहां एक मकान में एमडी (मेफेड्रोन) बनाने के लिए रसायन और उपकरण जुटाए गए थे। कार्रवाई के दौरान 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया।
जांच में सामने आया कि राजस्थान और मध्यप्रदेश के कुछ युवकों ने मिलकर एमडी निर्माण की योजना बनाई थी। आरोपी पहले बेंगलुरु में साथ काम कर चुके थे, जहां उनकी पहचान हुई। बाद में अधिक मुनाफे के लालच में उन्होंने इंटरनेट और यूट्यूब के जरिए एमडी बनाने की जानकारी हासिल की और पश्चिमी राजस्थान में अवैध फैक्टरी स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी।
एएनटीएफ के अनुसार, यदि यह फैक्टरी पूरी तरह संचालित हो जाती तो बाजार में करोड़ों रुपये की एमडी सप्लाई की जा सकती थी। हालांकि एजेंसी ने तैयार ड्रग्स के बजाय उसके निर्माण में उपयोग होने वाले केमिकल पर कार्रवाई कर पूरे षड्यंत्र को शुरुआती चरण में ही नाकाम कर दिया।
महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि बाड़मेर के धणाऊ क्षेत्र में एक खेत पर छापेमारी के दौरान एमडी निर्माण में प्रयुक्त होने वाला प्रतिबंधित रसायन बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपी नारायणराम ने खुलासा किया कि उसके जोधपुर स्थित घर में भी एमडी बनाने के उपकरण और अन्य केमिकल रखे हुए हैं। इसके बाद एएनटीएफ और कापरड़ा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर वहां से बड़ी मात्रा में रसायन और उपकरण जब्त किए।
मामले में नारायणराम, अशोक कुमार, सुमेरसिंह, प्रेम सिंह, विजयपाल सिंह और हेमाराम को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।