सीएम भजनलाल का बड़ा फैसला: वाहन मालिकों को 3 दिन का अल्टीमेटम, फिर होगी सख्त कार्रवाई

सीएम भजनलाल का बड़ा फैसला: वाहन मालिकों को 3 दिन का अल्टीमेटम, फिर होगी सख्त कार्रवाई
जयपुर। राजस्थान में अपराध नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन के खिलाफ राज्यव्यापी विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। सरकार के संज्ञान में आया है कि कई असामाजिक तत्व वाहनों में अवैध बदलाव कर मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध परिवहन और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। इसे देखते हुए परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों (RTO) और जिला परिवहन अधिकारियों (DTO) को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
अभियान के तहत मोटरयान अधिनियम 1988 और केंद्रीय मोटरयान नियम 1989 का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ चालान, जब्ती और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि कार्रवाई से पहले वाहन स्वामियों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए तीन दिन की मोहलत दी गई है।
वाहन स्वामियों को 3 दिन का समय
परिवहन विभाग ने अपील की है कि जिन वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन, काली फिल्म या नियम विरुद्ध नंबर प्लेट लगी हुई है, वे आदेश जारी होने के तीन दिन के भीतर उसे स्वयं हटवा लें या सही करवा लें। विभाग का कहना है कि यह समय लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाने और स्वेच्छा से नियमों का पालन करने का अवसर देने के लिए दिया गया है।
समयसीमा समाप्त होने के बाद परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की टीमें प्रदेशभर में विशेष जांच अभियान चलाएंगी। इसके बाद नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने वाले वाहनों पर सीधे कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ने पर वाहन सीज भी किए जा सकते हैं।
किन बदलावों पर होगी कार्रवाई:-
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार वाहन की मूल संरचना, सीटिंग क्षमता, रंग, डिजाइन या निर्माता कंपनी के तय मानकों में ऐसा बदलाव करना अवैध माना जाएगा जिससे वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) में दर्ज जानकारी प्रभावित हो। गाड़ियों में बाहर निकले टायर, बदली हुई बॉडी, तेज आवाज वाले साइलेंसर या अन्य तकनीकी बदलाव भी जांच के दायरे में रहेंगे।
इसके अलावा यदि किसी वाहन पर सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति के बिना लाल या नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट, बीकन लाइट या हूटर लगा हुआ पाया जाता है, तो उसे मौके पर ही उतारकर जब्त कर लिया जाएगा।
प्रेशर हॉर्न और तेज आवाज वाले साइलेंसर पर सख्ती:-
ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले प्रेशर हॉर्न, एयर हॉर्न और निर्धारित मानकों से अधिक आवाज करने वाले साइलेंसर के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया गया है। ऐसे उपकरण मिलने पर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। बार-बार नियम तोड़ने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या निरस्त करने की सिफारिश भी की जा सकती है।
काली फिल्म और नंबर प्लेट पर निगरानी:-
वाहनों के शीशों पर निर्धारित सीमा से अधिक काली फिल्म लगाने वालों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही गाड़ियों पर जातिसूचक शब्द, डर पैदा करने वाले चिन्ह, अनाधिकृत मोनोग्राम, राजनीतिक स्टिकर या नियम विरुद्ध लेखन पाए जाने पर भी कार्रवाई होगी।
फर्जी या अपठनीय नंबर प्लेट, हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) नहीं लगवाने और नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने के मामलों को गंभीर अपराध माना जाएगा। गंभीर स्थिति में वाहन जब्ती और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
तस्करी और अपराध पर रोक प्राथमिकता:-
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट किया है कि वाहनों में इस प्रकार के अवैध मॉडिफिकेशन का सबसे बड़ा नुकसान यह होता है कि अपराधी किसी वारदात को अंजाम देने के बाद बहुत आसानी से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार हो जाते हैं। गाड़ियों का रंग और हुलिया बदल जाने के कारण सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में भी उनकी सही पहचान नहीं हो पाती। राजस्थान के सीमावर्ती और आंतरिक जिलों में अफीम, डोडा-पोस्त और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए अक्सर ऐसे ही मॉडिफाइड वाहनों का सहारा लिया जाता है।
इन वाहनों के जरिए न केवल मादक पदार्थों का अवैध परिवहन होता है, बल्कि हथियारों की तस्करी और अन्य अवांछित गतिविधियों की संभावनाएं भी बनी रहती हैं। इस राज्यव्यापी अभियान के माध्यम से सरकार इन सभी आपराधिक कड़ियों को एक साथ तोड़ना चाहती है। जब सड़कों पर हर एक वाहन पूरी तरह से वैध और नियमों के अनुसार संचालित होगा, तो अपराधियों के हौसले अपने आप पस्त हो जाएंगे और पुलिस के लिए भी कानून व्यवस्था बनाए रखना बहुत आसान हो जाएगा।